मांडर भिखारियट द्वारा आयोजित विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुई-मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की
मांडर, कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की आज मांडर भिखारियट सोसायटी द्वारा आयोजित विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सभा को संबोधित किया।
इस अवसर पर अपनी संस्कृति, परंपरा और विरासत को पूरे उत्साह के साथ प्रस्तुत करने वाले सभी साथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
माननीय मंत्री ने कहा विश्व आदिवासी दिवस केवल एक दिन मनाने का अवसर नहीं, बल्कि दुनिया भर के आदिवासी समाज की पहचान, अधिकार, संस्कृति और अस्तित्व को सम्मान देने का दिन है। आदिवासी समाज केवल झारखंड या भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सदियों से अपनी विशिष्ट संस्कृति और परंपराओं के साथ जीवन जीता आया है।
हमारी भाषाएँ अलग हो सकती हैं, हमारे गीत-संगीत, खान-पान और रीति-रिवाज अलग हो सकते हैं, लेकिन हमारी एक साझा पहचान है—हम आदिवासी हैं।
आज सबसे सुखद अनुभव यह रहा कि माताएँ जिस गीत को गा रही थीं, उसी गीत को हमारी बेटियाँ भी उनके साथ गा रही थीं। यही हमारी परंपरा है—एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हमारी भाषा, गीत, संस्कृति और विरासत का हस्तांतरण।आज हमारी संस्कृति और समाज को धर्म एवं अन्य आधारों पर बाँटने के प्रयास हो रहे हैं। हमें इन प्रयासों को पहचानना होगा। हमारा संघर्ष किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि उस सोच के खिलाफ है जो आदिवासी समाज की एकता को कमजोर करना चाहती है।हम अपनी पहचान किसी के कहने से तय नहीं करेंगे।
और अपनी इस पहचान पर हमें गर्व है।आइए, इस विश्व आदिवासी दिवस पर संकल्प लें कि अपनी भाषा, संस्कृति और परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाएँगे और अपने समाज की एकता, अधिकार एवं सम्मान की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती के साथ लड़ते रहेंगे।
Namkum, Ranchi | Aug 9, 2026