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सावन का दूसरा सोमवार में बोल बम और हर हर महादेव जय करो साथ गूंजा तांबेश्वर बाबा प्रांगण हर हर महादेव

Fatehpur, Fatehpur | Aug 10, 2026

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आंगनबाड़ी बनी शोपीस, प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल

लाखों से बना केंद्र बदहाल, न खिड़की न बैठने की व्यवस्था

गंदगी और झाड़ियों के बीच बच्चों का भविष्य, ग्रामीणों ने उठाए सवाल

✒️रिपोर्ट पिंटू तिवारी 

उत्तरप्रदेश । फतेहपुर जनपद के विजयीपुर विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत महेशपुर मठेठा में लाखों रुपये की लागत से निर्मित आंगनबाड़ी केंद्र उपयोग के अभाव में बदहाल पड़ा है। भवन में मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते नौनिहालों को प्राथमिक विद्यालय में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। ग्रामीणों ने केंद्र की स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए प्रशासन से तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है।

खागा/फतेहपुर। विजयीपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत महेशपुर मठेठा में सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों के अनुसार लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं है। भवन में खिड़कियों का अभाव है और फर्श की स्थिति भी संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। इसी कारण छोटे बच्चों को प्राथमिक विद्यालय में बैठाकर पढ़ाने की व्यवस्था की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र की नियमित साफ-सफाई नहीं होती। परिसर में गंदगी, झाड़ियां और कीड़े-मकौड़ों की भरमार है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। अभिभावकों का कहना है कि नौनिहालों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

आंगनबाड़ी परिसर में लगा हैंडपंप भी उपेक्षा का शिकार बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार हजारों रुपये की लागत से स्थापित हैंडपंप गंदगी के बीच पड़ा है और उसकी नियमित देखरेख नहीं हो रही। इससे पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब भवन में बच्चों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है तो निर्माण पर खर्च की गई राशि का उद्देश्य अधूरा रह जाता है। उन्होंने संबंधित विभाग और प्रशासन से भवन की मरम्मत, खिड़कियों की व्यवस्था, फर्श सुधार, सफाई अभियान और हैंडपंप को दुरुस्त कराने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

उठ रहे हैं अहम सवाल

- लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी आंगनबाड़ी केंद्र उपयोग योग्य क्यों नहीं है?
- भवन निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कब होगी?
- बच्चों को प्राथमिक विद्यालय में बैठाने की नौबत क्यों आई?
- केंद्र की नियमित निगरानी कौन कर रहा है?
- परिसर की साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था कब सुधरेगी?

महेशपुर मठेठा का यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में बाल शिक्षा और पोषण सेवाओं की वास्तविक स्थिति को सामने लाता है। आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के प्रारंभिक विकास का महत्वपूर्ण आधार होते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि संबंधित विभाग शीघ्र निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य कराए ताकि नौनिहालों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके।

🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा की अपील

एनडी न्यूज़ प्रशासन, बाल विकास विभाग और ग्राम पंचायत से अपील करता है कि आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। बच्चों से जुड़ी योजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। ग्रामीणों से भी अनुरोध है कि सार्वजनिक संपत्तियों की देखभाल में सहयोग करें और समस्याओं की सूचना समय पर अधिकारियों तक पहुंचाएं।

जनहित सुझाव

- आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण कराया जाए।
- भवनों में खिड़की, फर्श और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- परिसर की नियमित सफाई और कीटनाशक छिड़काव कराया जाए।
- हैंडपंप और पेयजल स्रोतों की समय-समय पर मरम्मत की जाए।
- अभिभावकों और ग्राम समिति की सहभागिता बढ़ाई जाए।
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मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया
📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – 110092 (NCR)
📅 दिनांक: 10 अगस्त 2026
📞 मोबाइल: 9696119696

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Fatehpur, Fatehpur | Aug 10, 2026

सावन का दूसरा सोमवार में बोल बम और हर हर महादेव जय करो साथ गूंजा तांबेश्वर बाबा प्रांगण हर हर महादेव

सावन का दूसरा सोमवार में बोल बम और हर हर महादेव जय करो साथ गूंजा तांबेश्वर बाबा प्रांगण हर हर महादेव

Fatehpur, Fatehpur | Aug 10, 2026

वायरल वीडियो में दिखी बदहाल सड़क, घुटनों तक कीचड़ में चलने को मजबूर ग्रामीण

बरसात ने खोली सड़क निर्माण की पोल, छात्र-छात्राओं और मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, ग्रामीणों ने तहसील घेराव की चेतावनी दी

✒️रिपोर्ट सहयोगी सुनील व प्रमोद यादव के साथ राजेश सोनकर प्रयागराज

उत्तरप्रदेश । प्रयागराज जिले के जसरा ब्लॉक स्थित कांटी ठनठनवा गांव में बदहाल सड़क की समस्या एक बार फिर चर्चा में है। बरसात के बाद सड़क पर घुटनों तक कीचड़ और जलभराव होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल सड़क मरम्मत की मांग की है।

जसरा/प्रयागराज। कांटी ठनठनवा गांव की मुख्य सड़क इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनी हुई है। बरसात के बाद सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढों में पानी भर गया है और कीचड़ फैलने से आवागमन लगभग ठप हो गया है। वायरल वीडियो में ग्रामीण घुटनों तक कीचड़ में चलते दिखाई दे रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार यही सड़क गांव को बाजार, अस्पताल, स्कूल, तहसील और ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ती है। सड़क खराब होने से सबसे अधिक दिक्कत छात्र-छात्राओं, बुजुर्गों, मजदूरों और मरीजों को हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जलभराव के कारण एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते।

मरीजों को चारपाई पर ले जाने की नौबत

ग्रामीणों ने बताया कि कई बार गंभीर मरीजों को चारपाई पर लादकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाई हो रही है और बरसात के दिनों में फिसलकर गिरने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।

शिकायतें बेअसर, प्रशासन पर अनदेखी का आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को मौखिक और लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का गांव में आना-जाना होने के बावजूद सड़क की समस्या की अनदेखी की जा रही है।

ग्रामीण राय प्रताप बिंद ने कहा कि गांव वालों की मांग केवल इतनी है कि बरसात में सुरक्षित आवागमन के लिए एक पक्की सड़क उपलब्ध कराई जाए।

आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से सड़क की तत्काल मरम्मत अथवा नए सिरे से निर्माण कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे और तहसील का घेराव करेंगे।

इस दौरान राय प्रताप बिंद, बालगोविंद बिंद, संतोष कुमार बिंद, विक्रम प्रसाद बिंद, अनिल कुमार बिंद, दीपक राज बिंद, राहुल पटेल, रामबहादुर पटेल, मुखिया पटेल, कमलाकांत बिंद, नीरज बिंद, नानबाबू पटेल, राधेश्याम बिंद, फूलचंद बिंद, रमेश बिंद, राजकुमार बिंद और डॉ. लवकुश बिंद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

उठ रहे हैं अहम सवाल

- सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य समय पर क्यों नहीं हुआ?
- क्या संबंधित विभाग ने सड़क की स्थिति का निरीक्षण किया है?
- बरसात के मौसम में वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
- आपातकालीन सेवाओं के लिए क्या विशेष प्रबंध किए गए हैं?

कांटी ठनठनवा गांव की यह स्थिति ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सड़क रखरखाव की चुनौतियों को उजागर करती है। वायरल वीडियो के बाद लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर जल्द राहत पहुंचाएगा। फिलहाल ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।

🟥 एनडी न्यूज़ प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से अपील करता है कि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की नियमित निगरानी कर समय पर मरम्मत सुनिश्चित की जाए। बरसात के मौसम में खराब सड़कें केवल असुविधा नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी गंभीर खतरा बन जाती हैं। ग्रामीणों से भी अनुरोध है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचाएं और सड़क सुरक्षा का पालन करें।

जनहित सुझाव

- बरसात में जलभराव वाली सड़कों पर सावधानी से चलें।
- बच्चों और बुजुर्गों को अकेले कीचड़ वाले मार्ग से न गुजरने दें।
- आपातकालीन स्थिति में तुरंत प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें।
- ग्राम स्तर पर जल निकासी की अस्थायी व्यवस्था बनाने में सहयोग करें।
- सड़क क्षति की जानकारी लिखित रूप से संबंधित विभाग को दें।
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वायरल वीडियो में दिखी बदहाल सड़क, घुटनों तक कीचड़ में चलने को मजबूर ग्रामीण बरसात ने खोली सड़क निर्माण की पोल, छात्र-छात्राओं और मरीजों की बढ़ी मुश्किलें शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, ग्रामीणों ने तहसील घेराव की चेतावनी दी ✒️रिपोर्ट सहयोगी सुनील व प्रमोद यादव के साथ राजेश सोनकर प्रयागराज उत्तरप्रदेश । प्रयागराज जिले के जसरा ब्लॉक स्थित कांटी ठनठनवा गांव में बदहाल सड़क की समस्या एक बार फिर चर्चा में है। बरसात के बाद सड़क पर घुटनों तक कीचड़ और जलभराव होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल सड़क मरम्मत की मांग की है। जसरा/प्रयागराज। कांटी ठनठनवा गांव की मुख्य सड़क इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनी हुई है। बरसात के बाद सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढों में पानी भर गया है और कीचड़ फैलने से आवागमन लगभग ठप हो गया है। वायरल वीडियो में ग्रामीण घुटनों तक कीचड़ में चलते दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार यही सड़क गांव को बाजार, अस्पताल, स्कूल, तहसील और ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ती है। सड़क खराब होने से सबसे अधिक दिक्कत छात्र-छात्राओं, बुजुर्गों, मजदूरों और मरीजों को हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जलभराव के कारण एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते। मरीजों को चारपाई पर ले जाने की नौबत ग्रामीणों ने बताया कि कई बार गंभीर मरीजों को चारपाई पर लादकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाई हो रही है और बरसात के दिनों में फिसलकर गिरने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। शिकायतें बेअसर, प्रशासन पर अनदेखी का आरोप स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को मौखिक और लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का गांव में आना-जाना होने के बावजूद सड़क की समस्या की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीण राय प्रताप बिंद ने कहा कि गांव वालों की मांग केवल इतनी है कि बरसात में सुरक्षित आवागमन के लिए एक पक्की सड़क उपलब्ध कराई जाए। आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से सड़क की तत्काल मरम्मत अथवा नए सिरे से निर्माण कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे और तहसील का घेराव करेंगे। इस दौरान राय प्रताप बिंद, बालगोविंद बिंद, संतोष कुमार बिंद, विक्रम प्रसाद बिंद, अनिल कुमार बिंद, दीपक राज बिंद, राहुल पटेल, रामबहादुर पटेल, मुखिया पटेल, कमलाकांत बिंद, नीरज बिंद, नानबाबू पटेल, राधेश्याम बिंद, फूलचंद बिंद, रमेश बिंद, राजकुमार बिंद और डॉ. लवकुश बिंद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। उठ रहे हैं अहम सवाल - सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य समय पर क्यों नहीं हुआ? - क्या संबंधित विभाग ने सड़क की स्थिति का निरीक्षण किया है? - बरसात के मौसम में वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था क्यों नहीं की गई? - आपातकालीन सेवाओं के लिए क्या विशेष प्रबंध किए गए हैं? कांटी ठनठनवा गांव की यह स्थिति ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सड़क रखरखाव की चुनौतियों को उजागर करती है। वायरल वीडियो के बाद लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर जल्द राहत पहुंचाएगा। फिलहाल ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। 🟥 एनडी न्यूज़ प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से अपील करता है कि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की नियमित निगरानी कर समय पर मरम्मत सुनिश्चित की जाए। बरसात के मौसम में खराब सड़कें केवल असुविधा नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी गंभीर खतरा बन जाती हैं। ग्रामीणों से भी अनुरोध है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचाएं और सड़क सुरक्षा का पालन करें। जनहित सुझाव - बरसात में जलभराव वाली सड़कों पर सावधानी से चलें। - बच्चों और बुजुर्गों को अकेले कीचड़ वाले मार्ग से न गुजरने दें। - आपातकालीन स्थिति में तुरंत प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें। - ग्राम स्तर पर जल निकासी की अस्थायी व्यवस्था बनाने में सहयोग करें। - सड़क क्षति की जानकारी लिखित रूप से संबंधित विभाग को दें। 👇👇👇 #NDNEWS #दैनिकनिष्पक्षधारा #Prayagraj #Jasra #KantiThanthanwa #RoadCondition #ViralVideo #RuralRoad #PublicIssue #RoadSafety #BreakingNews #UPNews 👇👇👇👇 @dgpup @UPGovt @RSSorg @Uppolice @wpl1090 @RSSgeet @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @VHPDigital @CMOUP_RC @myogioffice @InfoDeptUP @CMOfficeUP @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @MahantYogiG @ChiefSecyUP @BajrangDalOrg @myogiadityanath @112UttarPradesh @UPPViralCheck @UpPolicemitra @prayagraj_pol @ADGZonPrayagraj @DM_PRAYAGRAJ @CommissionerPrg @NigamPrayagraj @Prayagraj_TP @PROdefprayagraj 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – 110092 (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP) 📅 दिनांक: 10 अगस्त 2026 📆 दिन: सोमवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696

Fatehpur, Fatehpur | Aug 10, 2026

यमुना में प्रतिबंधित मछलियों का अवैध शिकार जारी, ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल

छोटी मछलियों समेत प्रतिबंधित प्रजातियों के पकड़े जाने का आरोप, कार्रवाई की मांग तेज

किशनपुर क्षेत्र में अवैध आखेट पर रोक लगाने को प्रशासन से विशेष अभियान चलाने की अपील

✒️रिपोर्ट पिंटू तिवारी

किशनपुर/फतेहपुर। फतेहपुर जनपद के किशनपुर थाना क्षेत्र के समीप यमुना नदी में प्रतिबंध के बावजूद मछलियों के अवैध शिकार की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नदी में जाल डालकर छोटी मछलियों के साथ प्रतिबंधित प्रजातियों का भी खुलेआम आखेट किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से जलीय जीवों के संरक्षण पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

फतेहपुर। किशनपुर क्षेत्र से गुजरने वाली यमुना नदी में कथित रूप से प्रतिबंधित अवधि के दौरान भी मछली पकड़ने का सिलसिला जारी है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार गुरवल, मड़ौली, एकडला, गढ़ा, मडैयन, महावतपुर असहट और किशनपुर सहित कई घाटों और नदी किनारे के क्षेत्रों में जाल डालकर मछलियां पकड़ी जा रही हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि किशनपुर के समीप नदी में बड़ी संख्या में छोटी मछलियां और प्रतिबंधित प्रजातियां पकड़ी जा रही हैं। उनका कहना है कि प्रजनन काल में मछलियों का शिकार होने से नदी के प्राकृतिक संतुलन और जलीय जीवों की संख्या पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

संरक्षण पर मंडरा रहा खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार छोटे आकार की मछलियों के आखेट से भविष्य में यमुना नदी में मछलियों की संख्या कम होने की आशंका बढ़ रही है। ग्रामीणों ने इसे केवल आजीविका का नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी गंभीर विषय बताया है।

विभागीय कार्रवाई पर सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग की अनदेखी के कारण अवैध आखेट करने वालों के हौसले बुलंद हैं। लोगों ने मांग की है कि मत्स्य विभाग, प्रशासन और पुलिस संयुक्त रूप से नदी क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर अवैध जालों को जब्त करें और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें।

उठ रहे हैं अहम सवाल

- क्या यमुना नदी में प्रतिबंधित अवधि के दौरान नियमित निगरानी हो रही है?
- क्या अवैध जालों की जांच और जब्ती की कार्रवाई की जा रही है?
- छोटी मछलियों और प्रतिबंधित प्रजातियों के संरक्षण के लिए क्या व्यवस्था है?
- शिकायतों पर संबंधित विभाग ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?

यमुना नदी का पारिस्थितिकी तंत्र स्थानीय आजीविका और जैव विविधता दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में आवश्यक है कि संबंधित विभाग शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे। यदि अवैध आखेट की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई कर नदी और जलीय जीवों के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा की अपील

एनडी न्यूज़ सभी नागरिकों से अपील करता है कि नदियों, तालाबों और अन्य जलस्रोतों में प्रतिबंधित अवधि के दौरान मछली पकड़ने से बचें तथा अवैध आखेट की सूचना तुरंत प्रशासन या मत्स्य विभाग को दें। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।

जनहित सुझाव

- प्रतिबंधित अवधि में मछली पकड़ने से बचें।
- छोटी मछलियों और संरक्षित प्रजातियों को पकड़ने से रोकें।
- अवैध जाल और शिकार की सूचना प्रशासन को दें।
- नदी किनारे स्वच्छता बनाए रखें।
- मत्स्य विभाग नियमित निगरानी और जनजागरूकता अभियान चलाए।
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मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया
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📅 दिनांक: 10 अगस्त 2026
📆 दिन: सोमवार
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यमुना में प्रतिबंधित मछलियों का अवैध शिकार जारी, ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल छोटी मछलियों समेत प्रतिबंधित प्रजातियों के पकड़े जाने का आरोप, कार्रवाई की मांग तेज किशनपुर क्षेत्र में अवैध आखेट पर रोक लगाने को प्रशासन से विशेष अभियान चलाने की अपील ✒️रिपोर्ट पिंटू तिवारी किशनपुर/फतेहपुर। फतेहपुर जनपद के किशनपुर थाना क्षेत्र के समीप यमुना नदी में प्रतिबंध के बावजूद मछलियों के अवैध शिकार की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नदी में जाल डालकर छोटी मछलियों के साथ प्रतिबंधित प्रजातियों का भी खुलेआम आखेट किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से जलीय जीवों के संरक्षण पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। फतेहपुर। किशनपुर क्षेत्र से गुजरने वाली यमुना नदी में कथित रूप से प्रतिबंधित अवधि के दौरान भी मछली पकड़ने का सिलसिला जारी है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार गुरवल, मड़ौली, एकडला, गढ़ा, मडैयन, महावतपुर असहट और किशनपुर सहित कई घाटों और नदी किनारे के क्षेत्रों में जाल डालकर मछलियां पकड़ी जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि किशनपुर के समीप नदी में बड़ी संख्या में छोटी मछलियां और प्रतिबंधित प्रजातियां पकड़ी जा रही हैं। उनका कहना है कि प्रजनन काल में मछलियों का शिकार होने से नदी के प्राकृतिक संतुलन और जलीय जीवों की संख्या पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। संरक्षण पर मंडरा रहा खतरा स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार छोटे आकार की मछलियों के आखेट से भविष्य में यमुना नदी में मछलियों की संख्या कम होने की आशंका बढ़ रही है। ग्रामीणों ने इसे केवल आजीविका का नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी गंभीर विषय बताया है। विभागीय कार्रवाई पर सवाल ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग की अनदेखी के कारण अवैध आखेट करने वालों के हौसले बुलंद हैं। लोगों ने मांग की है कि मत्स्य विभाग, प्रशासन और पुलिस संयुक्त रूप से नदी क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर अवैध जालों को जब्त करें और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें। उठ रहे हैं अहम सवाल - क्या यमुना नदी में प्रतिबंधित अवधि के दौरान नियमित निगरानी हो रही है? - क्या अवैध जालों की जांच और जब्ती की कार्रवाई की जा रही है? - छोटी मछलियों और प्रतिबंधित प्रजातियों के संरक्षण के लिए क्या व्यवस्था है? - शिकायतों पर संबंधित विभाग ने अब तक क्या कदम उठाए हैं? यमुना नदी का पारिस्थितिकी तंत्र स्थानीय आजीविका और जैव विविधता दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में आवश्यक है कि संबंधित विभाग शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे। यदि अवैध आखेट की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई कर नदी और जलीय जीवों के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा की अपील एनडी न्यूज़ सभी नागरिकों से अपील करता है कि नदियों, तालाबों और अन्य जलस्रोतों में प्रतिबंधित अवधि के दौरान मछली पकड़ने से बचें तथा अवैध आखेट की सूचना तुरंत प्रशासन या मत्स्य विभाग को दें। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। जनहित सुझाव - प्रतिबंधित अवधि में मछली पकड़ने से बचें। - छोटी मछलियों और संरक्षित प्रजातियों को पकड़ने से रोकें। - अवैध जाल और शिकार की सूचना प्रशासन को दें। - नदी किनारे स्वच्छता बनाए रखें। - मत्स्य विभाग नियमित निगरानी और जनजागरूकता अभियान चलाए। 👇👇👇 #NDNEWS #दैनिकनिष्पक्षधारा #Fatehpur #Kishanpur #Yamuna #IllegalFishing #FishConservation #Environment #PublicInterest #UPNews #BreakingNews 👇👇 @dgpup @RSSorg @UPGovt @wpl1090 @RSSgeet @Uppolice @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @abmanglik @VHPDigital @igrangealld @myogioffice @InfoDeptUP @dmfatehpur @sdmsadarftp @CMOfficeUP @CMOUP_RC @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @ChiefSecyUP @MahantYogiG @FatehpurSdm @fatehpurpolice @BajrangDalOrg @rashtrapatibhvn @UPMahilaKalyan @112UttarPradesh @myogiadityanath @CommissionerPrg @ADGZonPrayagraj 👇👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – 110092 (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP) 📅 दिनांक: 10 अगस्त 2026 📆 दिन: सोमवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696

Fatehpur, Fatehpur | Aug 10, 2026