🚨 मंदाकिनी नदी की दुर्दशा के खिलाफ जल सत्याग्रह
चित्रकूट। धर्म और आस्था की नगरी चित्रकूट में आज माँ मंदाकिनी के अस्तित्व और संरक्षण को लेकर एक बड़ा जनआंदोलन शुरू होने जा रहा है। शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को कर्वी के राजाघाट, पुरानी बाजार में मंदाकिनी नदी, जल, जनस्वास्थ्य एवं आध्यात्म की रक्षा के लिए जल सत्याग्रह का आह्वान किया गया है।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि वर्षों से प्रदूषण, प्रशासनिक उपेक्षा और अवैध खनन के कारण कभी जीवनदायिनी रही मंदाकिनी नदी आज गंभीर संकट से जूझ रही है।
आंदोलनकारियों ने 7 अगस्त से अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह/आमरण अनशन की घोषणा की है। उनका कहना है कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि चित्रकूट की जनता, जलस्रोतों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है।
📢 प्रशासन के सामने प्रमुख मांगें
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में पाठा पेयजल इंटेकवेल के आसपास सीवर और नालों की सीलिंग एवं सफाई, जलस्रोतों से अतिक्रमण हटाना, पानी की सरकारी लैब से जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करना और शुद्ध पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था करना शामिल है।
इसके अलावा राजाघाट और मंदाकिनी के सभी घाटों को नशामुक्त क्षेत्र घोषित करने, सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने, नदी संरक्षण के लिए उच्चस्तरीय निगरानी समिति गठित करने तथा मंदाकिनी, पयस्वनी और सरयू नदी की सीमा में अनधिकृत पक्के निर्माण पर रोक लगाने की मांग की गई है।
आंदोलनकारियों ने चित्रकूट की जनता से बड़ी संख्या में राजाघाट पहुंचकर जल सत्याग्रह में शामिल होने की अपील की है।
उनका कहना है कि जब तक माँ मंदाकिनी को प्रदूषण मुक्त, निर्मल और अविरल बनाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।