27 हजार भारी वाहन चालकों को निशुल्क प्रशिक्षण, 90 देशों में रोजगार की राह
भरतपुर। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और भारी वाहन चालकों को दक्ष एवं जिम्मेदार बनाने के उद्देश्य से आरडीटीसी सिंगावल की ओर से भरतपुर में उप-केंद्र शुरू किया गया है। यहां प्रतिदिन 27 भारी वाहन चालकों को पूरी तरह निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा करने वाले चालकों को एनएसक्यूएफ लेवल-4 का प्रमाणपत्र दिया जा रहा है, जिससे देश के साथ करीब 90 देशों में रोजगार के अवसरों की राह खुलने का दावा किया गया है।
राजस्थान के एनएच-48 स्थित सिंगावल, अजमेर में स्थापित देश के पहले अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (आरडीटीसी) की पहल अब अजमेर, सीकर-जयपुर, उदयपुर, बालोतरा, जोधपुर और चूरू के बाद भरतपुर तक पहुंची है। पिछले दो वर्ष चार माह में करीब 27 हजार भारी वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम में चालकों के व्यवहार, ड्राइविंग कौशल और सड़क सुरक्षा की समझ विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्मार्ट क्लासरूम में रोड साइन एवं मार्किंग, वाहनों के सुरक्षा उपकरण, नई तकनीक, ड्राइविंग चालीसा, गुड सेमेरिटन (राहवीर योजना), सड़क सुरक्षा योजनाओं और पीएम राहत योजना सहित विभिन्न विषयों की जानकारी दी जाती है।
प्रशिक्षण के दौरान एलएससी की ओर से ऑनलाइन असेसमेंट और वीडियो वेरिफिकेशन भी किया जाता है। चालकों का डिजिटल हेल्थ कार्ड यानी आभा आईडी बनाया जा रहा है। इसके अलावा निशुल्क दुर्घटना बीमा, लंच, चाय और करीब एक हजार रुपये मूल्य की ड्राइवर किट भी उपलब्ध कराई जा रही है।
90 देशों में रोजगार का अवसर
प्रशिक्षण पूरा करने वाले चालकों को भारत सरकार के कौशल विकास मंत्रालय, एनएसडीसी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल से मान्यता प्राप्त एनएसक्यूएफ लेवल-4 प्रमाणपत्र दिया जाता है। इस योग्यता को ड्राइविंग क्षेत्र में 12वीं कक्षा के समकक्ष मान्यता से जोड़ा गया है। प्रमाणपत्र के माध्यम से खाड़ी देशों के अलावा जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, इटली और यूनाइटेड किंगडम समेत करीब 90 देशों में रोजगार के अवसर मिलने की संभावना बताई गई है।
वैध हैवी ड्राइविंग लाइसेंस से करा सकते हैं पंजीकरण
भरतपुर उप-केंद्र पर प्रशिक्षण लेने के इच्छुक चालक वैध हैवी ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड के साथ पंजीकरण करा सकते हैं। प्री-रजिस्ट्रेशन के लिए प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह गडासिया, मोबाइल 7568673970 पर संपर्क किया जा सकता है।
परिवहन विभाग के अधिकारी ने किया निरीक्षण
भरतपुर दौरे पर पहुंचे परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के डिप्टी कमिश्नर (रोड सेफ्टी) डॉ. वीरेन्द्र सिंह राठौड़ ने प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ट्रक, ट्रेलर, बस, बालवाहिनी बस, टैक्सी एवं अन्य भारी वाहन चालकों से अधिक से अधिक संख्या में निशुल्क प्रशिक्षण लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि चालक प्रशिक्षण को केवल लाइसेंस की औपचारिकता न मानकर स्वयं और दूसरों का जीवन सुरक्षित रखने के अभियान के रूप में लेना चाहिए। इस दौरान एआरटीओ अभय मुद्गल और परिवहन निरीक्षक देवेन्द्र सुण्डा भी मौजूद रहे। विभाग की ओर से भरतपुर-डीग जिलों के करीब 10 हजार चालकों को प्रशिक्षण देने के लक्ष्य में पूरा सहयोग करने की बात कही गई।
आरडीटीसी की निदेशक ऋतु चौहान के अनुसार प्रदेश में कोटा, नागौर, श्रीगंगानगर, बीकानेर, भीलवाड़ा और सवाईमाधोपुर में भी छह नए केंद्र प्रस्तावित हैं। इनके शुरू होने के बाद हर माह करीब छह हजार भारी वाहन चालकों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। सिंगावल से शुरू हुई सड़क सुरक्षा की यह पहल अब प्रदेश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।