बलिया में बढ़ते भूमि विवादों और जनशिकायतों को लेकर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को सदर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि जमीन से जुड़े मामलों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर विवादों का निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 112 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 10 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद, अवैध कब्जा, वरासत, बैनामा और नाली निकासी से संबंधित रहीं। इस पर जिलाधिकारी ने लेखपाल, कानूनगो और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर प्रत्येक मामले की मौके पर जांच करने और शीघ्र कार्रवाई करने का आदेश दिया।
जनसुनवाई के दौरान चितबड़ागांव क्षेत्र से सरकारी तालाब की भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत सामने आई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि तालाब की जमीन पर चार मकान बना लिए गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (ईओ) को तत्काल पैमाइश कराकर सीमांकन कराने, सरकारी भूमि को चिन्हित करने और तालाब की साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए।
वहीं सोहांव ब्लॉक के कोरन्डाडीह गांव के एक फरियादी ने शिकायत की कि कुछ लोग उन्हें उनकी ही जमीन पर कब्जा नहीं करने दे रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने नरही थाना प्रभारी को तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करने और शिकायतकर्ता को उसकी भूमि पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम को निष्पक्ष कार्रवाई कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
समाधान दिवस के अंत में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण है। शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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