मांगीलाल ने स्वीकार किया कि भीख से मिले पैसों का उपयोग वह सराफा क्षेत्र के कुछ व्यापारियों को ब्याज पर कर्ज देने में करता था।वह एक दिन और एक सप्ताह के हिसाब से ब्याज पर रुपये देता था और रोजाना ब्याज वसूलने के लिए सराफा आता था।रेस्क्यू दल के नोडल अधिकारी दिनेश मिश्रा ने रविवार 3 बजे बताया की मांगीलाल के पास शहर के अलग-अलग इलाकों में तीन पक्के मकान हैं।