नैनीताल नगर पालिका में बने Clock Tower की कहानी, The story of the clock tower built in Nainital Municipality & History✅:
दोस्तों 1947 के बाद अर्थात भारत की आजादी के बाद अंग्रेजो ने नैनीताल को छोड़ना शुरू कर दिया था और 3 महीने के अंदर नैनीताल से 99% अंग्रेज़ चले गए थे. अंग्रेजो के चले जाने के बाद नैनीताल में भारतीय संविधान के तहत नैनीताल नगरपालिका का फिर से गठन हुआ.
1950 तक भी अधिकांश लोगो के पास हाथो की घड़िया नहीं हुआ करती थी और नैनीताल के लोग समय देखने के लिए CRST School के clock tower की घडी को देखते थे, इसके अलवा जहाँ जहाँ नैनीताल में ब्रिटिशो की clock tower watch थी वही से वो लोग समय को देखते थे जबकि मल्लीताल के flats जो आजादी के बाद सभी लोगो के आने जाने की प्रमुख जगह थी वहाँ Clock Tower का आभाव था इसीलिए लोगो ने Clock Tower की मांग की और नैनीताल नगरपालिका अध्यक्ष ने सरकारी कोष से पैसा लगाकर England से 4 clock Tower Watch मगाई जिसे आप अभी भी आप देख सकते है.
Nainital Clock Tower Established ✅:
1956 में नगरपालिका का Clock Tower बनकर तैयार हुआ और आज़ादी के बाद के नैनीताल के विकास का प्रमुख गवाह बना...आपको यह भी पता होना चाहिए कि Nainital Nagarpalika की building आज़ादी से पहले AF(I) का institute भी रहा था.
Nainital Municipal Board History ✅:
दोस्तों नैनीताल नगरपालिका की जो आप building देखते है वो ब्रिटिशकाल के दौरान Municipal Board Office था, जिसे आम बोलचाल में Town Hall भी कहा जाता था...इस बिल्डिंग का निर्माण 3 October 1850 को किया गया था और Mussoorie (मसूरी) के बाद उत्तर भारत के सबसे oldest municipal boards में से एक था..अंग्रेजों ने जब नैनीताल को United Provinces की Summer Capital के रूप में भी इस्तेमाल किया तब municipal board पर हिल स्टेशन का बुनियादी ढांचा तैयार करने, सड़कों के निर्माण और उच्च स्तर की साफ़-सफाई (sanitation) व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी थी।
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