कृपया ‘पहाड़ का रास्ता’ समझें, अपने घर का ‘आँगन’ नहीं!”
“एक गलत ओवरटेक... और लग गया घंटों का जाम!
कैसे कुछ वाहन चालक नियमों को ताक पर रखकर दूसरी लेन में घुस जाते हैं। आपकी यही चंद मिनटों की ‘जल्दबाज़ी’ पहाड़ों में सफर कर रहे सैकड़ों यात्रियों के लिए आफत बन जाती है।
याद रखें, पहाड़ पर ‘ओवरटेकिंग’ कोई बहादुरी नहीं, बल्कि बड़ी बेवकूफी है।