क्या आप जानते हैं कि आपके मोहल्ले में जो सड़क बन रही है, उसका असली ठेकेदार कौन है? या उस पर कितना पैसा खर्च हो रहा है? अक्सर ये जानकारियां 'गुमशुदा' रहती हैं। लेकिन अब कलेक्टर ऊषा परमार ने लापरवाह विभागों की क्लास लगा दी है! कलेक्टर ने साफ कह दिया है कि जिले में जहां भी निर्माण कार्य चल रहा है, वहां 'सूचना का बोर्ड' लगाना अब ऑप्शनल नहीं, बल्कि अनिवार्य है।