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शिमला शहरी: भाजपा शिमला जिला अध्यक्ष केशव चौहान बोले: शपथ ग्रहण समारोह से परिजनों और समर्थकों को बाहर करना दुर्भाग्यपूर्ण

Shimla Urban, Shimla | Jun 6, 2026

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200 बीघा ज़मीन, 5 लाख रूटस्टॉक और लेटेस्ट सेब वैरायटी के पौधे

लगभग 200 बीघा भूमि पर विकसित इस आधुनिक सेब नर्सरी में 5 लाख से अधिक आयातित रूटस्टॉक पर नवीनतम और उन्नत सेब किस्मों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। यूरोप की आधुनिक तकनीक और प्रमाणित साइनवुड के उपयोग से तैयार यह प्लांटिंग मैटेरियल गुणवत्ता, शुद्धता और विश्वसनीयता का नया मानक स्थापित कर रहा है।

इस पहल का उद्देश्य उत्तर भारत के बागवानों को विश्वस्तरीय गुणवत्ता वाले पौधे, वह भी विदेशी पौधों की तुलना में किफायती कीमत पर, उपलब्ध कराना है।

200 बीघा ज़मीन, 5 लाख रूटस्टॉक और लेटेस्ट सेब वैरायटी के पौधे लगभग 200 बीघा भूमि पर विकसित इस आधुनिक सेब नर्सरी में 5 लाख से अधिक आयातित रूटस्टॉक पर नवीनतम और उन्नत सेब किस्मों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। यूरोप की आधुनिक तकनीक और प्रमाणित साइनवुड के उपयोग से तैयार यह प्लांटिंग मैटेरियल गुणवत्ता, शुद्धता और विश्वसनीयता का नया मानक स्थापित कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य उत्तर भारत के बागवानों को विश्वस्तरीय गुणवत्ता वाले पौधे, वह भी विदेशी पौधों की तुलना में किफायती कीमत पर, उपलब्ध कराना है।

Shimla Urban, Shimla | Jul 27, 2026

"हम देंगे विदेशी पौधों के आधे दाम में उन्नत किस्मों के सेब के पौधे!"

इसी सोच के साथ तीन युवा—कृष जनारथा, अनीश अमरैक और अवनीश चौहान—ने एक ऐसा सपना देखा, जिसे आज उन्होंने हकीकत में बदल दिया है।

इन युवाओं ने यूरोप के कई देशों का दौरा किया, वहां की आधुनिक नर्सरी तकनीकों का अध्ययन किया और सीखा कि विश्वस्तरीय मदर/फादर प्लांट तथा उच्च गुणवत्ता वाले सेब के पौधे कैसे तैयार किए जाते हैं। इसके बाद उन्होंने भारत लौटकर लगभग 200 बीघा भूमि पर विदेश से आयातित आधुनिक रूटस्टॉक पर 5 लाख से अधिक सेब के पौधे तैयार किए।

सीज़न 2026–27 के लिए यह "Made in India" सेब नर्सरी उत्तर भारत की सबसे बड़ी आधुनिक नर्सरियों में से एक बनकर उभरी है। इन तीनों युवाओं ने यह साबित कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्लांटिंग मैटेरियल भारत में भी तैयार किया जा सकता है।

जहां एक ओर कृष, अनीश और अवनीश विदेशों से नई तकनीक और अनुभव लेकर आए, वहीं दूसरी ओर काका, रजत और नेगी की टीम ने जमीन पर दिन-रात मेहनत कर उन तकनीकों को सफलतापूर्वक लागू किया। इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम है कि आज इस नर्सरी में लगभग 5 लाख उच्च गुणवत्ता वाले पौधे तैयार हो रहे हैं।

इस नर्सरी की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विश्वसनीय साइनवुड (Scionwood) प्रणाली है। हिमाचल में बड़ी-बड़ी सेब नर्सरियों के दावे तो किए जाते रहे हैं, लेकिन अधिकांश अपने साइनवुड का प्रमाणित स्रोत नहीं बता सके। कहीं बाहर से कलमें लाकर ग्राफ्टिंग की गई, तो कहीं बिना प्रमाणिकता वाले स्रोतों का उपयोग हुआ।

इसके विपरीत, इस नर्सरी में अधिकांश पौधे स्वयं विकसित और प्रमाणित साइनवुड स्रोत से तैयार किए गए हैं, जिससे पौधों की गुणवत्ता और किस्म की शुद्धता सुनिश्चित होती है। यही नहीं, इन तीनों युवा बागवानों ने M-9 रूटस्टॉक पर लगभग 20 हजार पौधों का अपना मदर ब्लॉक (Mother Block) भी विकसित किया है, जिससे भविष्य में भी प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण प्लांटिंग मैटेरियल उपलब्ध कराया जा सकेगा।

यह पहल केवल एक नर्सरी नहीं, बल्कि भारतीय सेब बागवानी को आत्मनिर्भर बनाने और बागवानों को विश्वस्तरीय, भरोसेमंद पौधे उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:

📞 85806 68007
📞 82191 62095
📞 88940 79964

"हम देंगे विदेशी पौधों के आधे दाम में उन्नत किस्मों के सेब के पौधे!" इसी सोच के साथ तीन युवा—कृष जनारथा, अनीश अमरैक और अवनीश चौहान—ने एक ऐसा सपना देखा, जिसे आज उन्होंने हकीकत में बदल दिया है। इन युवाओं ने यूरोप के कई देशों का दौरा किया, वहां की आधुनिक नर्सरी तकनीकों का अध्ययन किया और सीखा कि विश्वस्तरीय मदर/फादर प्लांट तथा उच्च गुणवत्ता वाले सेब के पौधे कैसे तैयार किए जाते हैं। इसके बाद उन्होंने भारत लौटकर लगभग 200 बीघा भूमि पर विदेश से आयातित आधुनिक रूटस्टॉक पर 5 लाख से अधिक सेब के पौधे तैयार किए। सीज़न 2026–27 के लिए यह "Made in India" सेब नर्सरी उत्तर भारत की सबसे बड़ी आधुनिक नर्सरियों में से एक बनकर उभरी है। इन तीनों युवाओं ने यह साबित कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्लांटिंग मैटेरियल भारत में भी तैयार किया जा सकता है। जहां एक ओर कृष, अनीश और अवनीश विदेशों से नई तकनीक और अनुभव लेकर आए, वहीं दूसरी ओर काका, रजत और नेगी की टीम ने जमीन पर दिन-रात मेहनत कर उन तकनीकों को सफलतापूर्वक लागू किया। इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम है कि आज इस नर्सरी में लगभग 5 लाख उच्च गुणवत्ता वाले पौधे तैयार हो रहे हैं। इस नर्सरी की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विश्वसनीय साइनवुड (Scionwood) प्रणाली है। हिमाचल में बड़ी-बड़ी सेब नर्सरियों के दावे तो किए जाते रहे हैं, लेकिन अधिकांश अपने साइनवुड का प्रमाणित स्रोत नहीं बता सके। कहीं बाहर से कलमें लाकर ग्राफ्टिंग की गई, तो कहीं बिना प्रमाणिकता वाले स्रोतों का उपयोग हुआ। इसके विपरीत, इस नर्सरी में अधिकांश पौधे स्वयं विकसित और प्रमाणित साइनवुड स्रोत से तैयार किए गए हैं, जिससे पौधों की गुणवत्ता और किस्म की शुद्धता सुनिश्चित होती है। यही नहीं, इन तीनों युवा बागवानों ने M-9 रूटस्टॉक पर लगभग 20 हजार पौधों का अपना मदर ब्लॉक (Mother Block) भी विकसित किया है, जिससे भविष्य में भी प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण प्लांटिंग मैटेरियल उपलब्ध कराया जा सकेगा। यह पहल केवल एक नर्सरी नहीं, बल्कि भारतीय सेब बागवानी को आत्मनिर्भर बनाने और बागवानों को विश्वस्तरीय, भरोसेमंद पौधे उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: 📞 85806 68007 📞 82191 62095 📞 88940 79964

Shimla Urban, Shimla | Jul 27, 2026

भारी बारिश के बाद शिमला एयरपोर्ट मार्ग पर नवनिर्मित  मज्याठ वार्ड लिंक सड़क मार्ग पर भूस्खलन

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Shimla Urban, Shimla | Jul 27, 2026

शिमला : टुटू..जल निकासी व्यवस्था की खुली पोल.. पैदल चलना आसान नहीं..देखे वीडियो 
#Shimla #Tutu #WaterLogging #Rain #ShimlaNews #NewsHimachalNow

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"हम देंगे विदेशी पौधों के आधे दाम में उन्नत किस्मों के सेब के पौधे!"

इसी सोच के साथ तीन युवा—कृष जनारथा, अनीश अमरैक और अवनीश चौहान—ने एक ऐसा सपना देखा, जिसे आज उन्होंने हकीकत में बदल दिया है।

इन युवाओं ने यूरोप के कई देशों का दौरा किया, वहां की आधुनिक नर्सरी तकनीकों का अध्ययन किया और सीखा कि विश्वस्तरीय मदर/फादर प्लांट तथा उच्च गुणवत्ता वाले सेब के पौधे कैसे तैयार किए जाते हैं। इसके बाद उन्होंने भारत लौटकर लगभग 200 बीघा भूमि पर विदेश से आयातित आधुनिक रूटस्टॉक पर 5 लाख से अधिक सेब के पौधे तैयार किए।

सीज़न 2026–27 के लिए यह "Made in India" सेब नर्सरी उत्तर भारत की सबसे बड़ी आधुनिक नर्सरियों में से एक बनकर उभरी है। इन तीनों युवाओं ने यह साबित कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्लांटिंग मैटेरियल भारत में भी तैयार किया जा सकता है।

जहां एक ओर कृष, अनीश और अवनीश विदेशों से नई तकनीक और अनुभव लेकर आए, वहीं दूसरी ओर काका, रजत और नेगी की टीम ने जमीन पर दिन-रात मेहनत कर उन तकनीकों को सफलतापूर्वक लागू किया। इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम है कि आज इस नर्सरी में लगभग 5 लाख उच्च गुणवत्ता वाले पौधे तैयार हो रहे हैं।

इस नर्सरी की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विश्वसनीय साइनवुड (Scionwood) प्रणाली है। हिमाचल में बड़ी-बड़ी सेब नर्सरियों के दावे तो किए जाते रहे हैं, लेकिन अधिकांश अपने साइनवुड का प्रमाणित स्रोत नहीं बता सके। कहीं बाहर से कलमें लाकर ग्राफ्टिंग की गई, तो कहीं बिना प्रमाणिकता वाले स्रोतों का उपयोग हुआ।

इसके विपरीत, इस नर्सरी में अधिकांश पौधे स्वयं विकसित और प्रमाणित साइनवुड स्रोत से तैयार किए गए हैं, जिससे पौधों की गुणवत्ता और किस्म की शुद्धता सुनिश्चित होती है। यही नहीं, इन तीनों युवा बागवानों ने M-9 रूटस्टॉक पर लगभग 20 हजार पौधों का अपना मदर ब्लॉक (Mother Block) भी विकसित किया है, जिससे भविष्य में भी प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण प्लांटिंग मैटेरियल उपलब्ध कराया जा सकेगा।

यह पहल केवल एक नर्सरी नहीं, बल्कि भारतीय सेब बागवानी को आत्मनिर्भर बनाने और बागवानों को विश्वस्तरीय, भरोसेमंद पौधे उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:

📞 85806 68007
📞 82191 62095
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"हम देंगे विदेशी पौधों के आधे दाम में उन्नत किस्मों के सेब के पौधे!" इसी सोच के साथ तीन युवा—कृष जनारथा, अनीश अमरैक और अवनीश चौहान—ने एक ऐसा सपना देखा, जिसे आज उन्होंने हकीकत में बदल दिया है। इन युवाओं ने यूरोप के कई देशों का दौरा किया, वहां की आधुनिक नर्सरी तकनीकों का अध्ययन किया और सीखा कि विश्वस्तरीय मदर/फादर प्लांट तथा उच्च गुणवत्ता वाले सेब के पौधे कैसे तैयार किए जाते हैं। इसके बाद उन्होंने भारत लौटकर लगभग 200 बीघा भूमि पर विदेश से आयातित आधुनिक रूटस्टॉक पर 5 लाख से अधिक सेब के पौधे तैयार किए। सीज़न 2026–27 के लिए यह "Made in India" सेब नर्सरी उत्तर भारत की सबसे बड़ी आधुनिक नर्सरियों में से एक बनकर उभरी है। इन तीनों युवाओं ने यह साबित कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्लांटिंग मैटेरियल भारत में भी तैयार किया जा सकता है। जहां एक ओर कृष, अनीश और अवनीश विदेशों से नई तकनीक और अनुभव लेकर आए, वहीं दूसरी ओर काका, रजत और नेगी की टीम ने जमीन पर दिन-रात मेहनत कर उन तकनीकों को सफलतापूर्वक लागू किया। इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम है कि आज इस नर्सरी में लगभग 5 लाख उच्च गुणवत्ता वाले पौधे तैयार हो रहे हैं। इस नर्सरी की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विश्वसनीय साइनवुड (Scionwood) प्रणाली है। हिमाचल में बड़ी-बड़ी सेब नर्सरियों के दावे तो किए जाते रहे हैं, लेकिन अधिकांश अपने साइनवुड का प्रमाणित स्रोत नहीं बता सके। कहीं बाहर से कलमें लाकर ग्राफ्टिंग की गई, तो कहीं बिना प्रमाणिकता वाले स्रोतों का उपयोग हुआ। इसके विपरीत, इस नर्सरी में अधिकांश पौधे स्वयं विकसित और प्रमाणित साइनवुड स्रोत से तैयार किए गए हैं, जिससे पौधों की गुणवत्ता और किस्म की शुद्धता सुनिश्चित होती है। यही नहीं, इन तीनों युवा बागवानों ने M-9 रूटस्टॉक पर लगभग 20 हजार पौधों का अपना मदर ब्लॉक (Mother Block) भी विकसित किया है, जिससे भविष्य में भी प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण प्लांटिंग मैटेरियल उपलब्ध कराया जा सकेगा। यह पहल केवल एक नर्सरी नहीं, बल्कि भारतीय सेब बागवानी को आत्मनिर्भर बनाने और बागवानों को विश्वस्तरीय, भरोसेमंद पौधे उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: 📞 85806 68007 📞 82191 62095 📞 88940 79964

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