सैंज घाटी में बारिश के कारण बाद जीवानाला के हुरननाल में एक बार फिर भारी भूस्खलन हुआ है। जिसके चलते नदी का प्रवाह तो जारी है। मगर कृत्रिम झील का आकार लगातार भयानक रूप से बढ़ता जा रहा है। पहाड़ी दरकने के जोरदार धमाके ने लोगों को दहशत में डाल दिया, जिसके बाद सहमे हुए ग्रामीणों ने घनी धुंध के बीच अपनी जान की परवाह किए बिना सीटियां बजाकर आसपास के लोगों को अलर्ट किया। इस खौफनाक प्राकृतिक आपदा से पार्वती परियोजना चरण-2 का पावर हाउस और बांध एक बार फिर सीधे तौर पर खतरे की जद में आ गए हैं। जबकि पिन पार्वती के डाउनस्ट्रीम इलाकों में बसे जीवा, बिहाली, सैंज, खराटला, बक्शाहल, त्रेहड़ा, स्पंगनी और तलाड़ा सहित कई गांवों पर भयंकर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। यह जलजला लोगों के जेहन में गत 25 जून की उस विनाशकारी तबाही की खौफनाक यादें ताजा कर रहा है, जब जीवानाला में बादल फटने से आई बाढ़ में 6 मकान जमींदोज हो गए थे, 3 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी और परियोजना को भारी नुकसान पहुंचा था, जिससे अब पूरे इलाके में किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से भारी अफरा-तफरी मची हुई है।
Kullu, Kullu | Aug 4, 2026