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बिहार: aaj maanav shrikhla he to savi log like kare #01 #0786 #02457viral #0786 @drsushilkrgupta @bjpkaushambi16

Bihar, Nalanda | Jan 19, 2020

MORE NEWS

जनता दरबार में जिलाधिकारी , नालंदा द्वारा 26 आवेदकों की समस्याओं को सुना गया , साथ ही समस्या निदान हेतु उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों  को आवश्यक  दिशा-निर्देश दिए।
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11 जुलाई 2026 
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           दैनिक जनता दरबार में  श्रीमती उदिता सिंह, जिलाधिकारी , नालंदा द्वारा आज 26 आवेदकों के  समस्याओं का निदान हेतु संबंधित विभाग  के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए ।
 
आवेदक द्वारा बताया गया कि हरगावां पैक्स में जमा किए गए धान का भुगतान नहीं मिलने एवं धान प्राप्त करने से इनकार करने से संबंधित मामला निष्पादन हेतु  जिलाधिकारी महोदय द्वारा अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, नालन्दा को निर्देश दिया गया।

आवेदक द्वारा बताए गए अतिक्रमण नहीं हटाने से संबंधित मामला निष्पादन हेतु जिलाधिकारी महोदय द्वारा अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, नालन्दा निर्देश दिया गया।

आवेदक द्वारा बताए गए जमीन कब्जा कर चाहर दीवारी निर्माण कार्य से संबंधित मामला निष्पादन हेतु जिलाधिकारी महोदय द्वारा अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, नालन्दा निर्देश दिया गया।

आवेदक के द्वारा बताए गए शस्त्र लाइसेंस  निर्गत करने से संबंधित मामला निष्पादन हेतु जिलाधिकारी महोदय द्वारा जिला शस्त्र दंडाधिकारी, नालन्दा को निर्देश दिया गया।

अन्य आवेदनों को भी संबंधित विभाग के
 पदाधिकारियों को समस्या निदान हेतु उन्होंने आवश्यक दिशा निर्देश दिए ।
Samrat Choudhary 
CMO Bihar 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

जनता दरबार में जिलाधिकारी , नालंदा द्वारा 26 आवेदकों की समस्याओं को सुना गया , साथ ही समस्या निदान हेतु उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ------------------------------- 11 जुलाई 2026 -------------------------------- दैनिक जनता दरबार में श्रीमती उदिता सिंह, जिलाधिकारी , नालंदा द्वारा आज 26 आवेदकों के समस्याओं का निदान हेतु संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए । आवेदक द्वारा बताया गया कि हरगावां पैक्स में जमा किए गए धान का भुगतान नहीं मिलने एवं धान प्राप्त करने से इनकार करने से संबंधित मामला निष्पादन हेतु जिलाधिकारी महोदय द्वारा अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, नालन्दा को निर्देश दिया गया। आवेदक द्वारा बताए गए अतिक्रमण नहीं हटाने से संबंधित मामला निष्पादन हेतु जिलाधिकारी महोदय द्वारा अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, नालन्दा निर्देश दिया गया। आवेदक द्वारा बताए गए जमीन कब्जा कर चाहर दीवारी निर्माण कार्य से संबंधित मामला निष्पादन हेतु जिलाधिकारी महोदय द्वारा अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, नालन्दा निर्देश दिया गया। आवेदक के द्वारा बताए गए शस्त्र लाइसेंस निर्गत करने से संबंधित मामला निष्पादन हेतु जिलाधिकारी महोदय द्वारा जिला शस्त्र दंडाधिकारी, नालन्दा को निर्देश दिया गया। अन्य आवेदनों को भी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को समस्या निदान हेतु उन्होंने आवश्यक दिशा निर्देश दिए । Samrat Choudhary CMO Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Nalanda, Bihar | Jul 11, 2026

प्रेस विज्ञप्ति
नालंदा।
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 आज दिनांक - 11 जुलाई 2026 को नालंदा की जिला पदाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह द्वारा बसवनबिगहा, बिहारशरीफ में आयोजित बावन बूटी कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के हरित पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान के साथ हुआ। 
इस अवसर पर बुनकरों, शिल्पकारों, नाबार्ड के पदाधिकारियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति रही।

अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी ने सभी अतिथियों, बुनकरों एवं शिल्पकारों का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जिले की प्रसिद्ध बावन बूटी हस्तशिल्प कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
 प्रशासन इस दिशा में हरसंभव प्रयास करेगा ताकि बावन बूटी उत्पादों को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बिक्री एवं प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराया जा सके।

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती उत्पादों को बाजार से जोड़ने की है। इसके लिए केवल बिक्री ही नहीं, बल्कि उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन भी आवश्यक है। 
प्रमुख पर्यटन स्थलों पर ऐसे प्रदर्शनी स्थल विकसित किए जाएं, जहां आने वाले पर्यटक न केवल उत्पाद खरीदें, बल्कि उसके निर्माण की पूरी कहानी भी जान सकें। प्रत्येक उत्पाद के साथ उसकी विशेषता, निर्माण में लगा समय, उसे तैयार करने वाले कारीगरों का योगदान, प्रयुक्त सामग्री, रंग तथा उससे जुड़ी स्थानीय सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का उल्लेख भी होना चाहिए, ताकि खरीदार उस उत्पाद से भावनात्मक रूप से जुड़ सके।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्थानीय उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने में उसके पीछे की कहानी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने बुनकरों से आग्रह किया कि वे अपने उत्पादों में स्थानीय उत्पाद, सांस्कृतिक विरासत और नालंदा की पहचान को प्रमुखता दें। 
उन्होंने प्रत्येक बावन बूटी उत्पाद पर क्यूआर (QR) कोड अंकित करने का भी सुझाव दिया, जिससे खरीदार उत्पाद की निर्माण प्रक्रिया, उसे बनाने वाले कारीगरों, प्रयुक्त सामग्री एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां आसानी से प्राप्त कर सकें।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग कर तथा विभिन्न डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स का सहयोग लेकर बावन बूटी उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक किया जा सकता है। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने का भी प्रयास करेगा, ताकि इस शिल्प का उत्पादन, विपणन एवं प्रचार-प्रसार और अधिक व्यापक हो तथा यह नालंदा की विशिष्ट पहचान के रूप में स्थापित हो सके।
इस अवसर पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक ने कहा कि जीआई (GI) टैग प्राप्त होने के बाद सभी बुनकरों को उससे जोड़ा जाएगा, 
ताकि वे जीआई टैग का वैधानिक रूप से उपयोग कर सकें। 
उन्होंने बताया कि बावन बूटी उत्पादों को विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही भविष्य में क्षेत्र में धागा उत्पादन इकाई स्थापित करने की संभावनाओं का भी परीक्षण किया जाएगा, जिससे बुनकरों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
कार्यक्रम के दौरान बुनकरों की ओर से नीतू कुमारी, सूरज देव एवं मणिकांत कुमार सहित अन्य प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं एवं सुझाव साझा किए। उन्होंने कहा कि उत्पादों की मार्केटिंग उनकी सबसे बड़ी चुनौती है और उन्हें स्थायी बाजार उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने बावन बूटी कला के संरक्षण एवं नई पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था करने का अनुरोध किया।

बुनकरों ने यह भी सुझाव दिया कि बावन बूटी उत्पादों का उपयोग अस्पतालों, रेलवे एवं अन्य सरकारी संस्थानों में बढ़ाया जाए, जिससे उन्हें स्थायी बाजार मिल सके। साथ ही प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं राज्य के प्रतिष्ठित होटलों में उत्पादों की बिक्री एवं प्रदर्शन के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध कराने का अनुरोध भी जिला प्रशासन से किया। जिला पदाधिकारी ने बुनकरों के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सभी व्यवहारिक प्रस्तावों पर सकारात्मक रूप से विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
Samrat Choudhary 
CMO Bihar 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Industries Department, Bihar
Bihar Industrial Area Development Authority - BIADA

प्रेस विज्ञप्ति नालंदा। ----------------- आज दिनांक - 11 जुलाई 2026 को नालंदा की जिला पदाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह द्वारा बसवनबिगहा, बिहारशरीफ में आयोजित बावन बूटी कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के हरित पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान के साथ हुआ। इस अवसर पर बुनकरों, शिल्पकारों, नाबार्ड के पदाधिकारियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति रही। अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी ने सभी अतिथियों, बुनकरों एवं शिल्पकारों का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जिले की प्रसिद्ध बावन बूटी हस्तशिल्प कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रशासन इस दिशा में हरसंभव प्रयास करेगा ताकि बावन बूटी उत्पादों को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बिक्री एवं प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती उत्पादों को बाजार से जोड़ने की है। इसके लिए केवल बिक्री ही नहीं, बल्कि उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन भी आवश्यक है। प्रमुख पर्यटन स्थलों पर ऐसे प्रदर्शनी स्थल विकसित किए जाएं, जहां आने वाले पर्यटक न केवल उत्पाद खरीदें, बल्कि उसके निर्माण की पूरी कहानी भी जान सकें। प्रत्येक उत्पाद के साथ उसकी विशेषता, निर्माण में लगा समय, उसे तैयार करने वाले कारीगरों का योगदान, प्रयुक्त सामग्री, रंग तथा उससे जुड़ी स्थानीय सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का उल्लेख भी होना चाहिए, ताकि खरीदार उस उत्पाद से भावनात्मक रूप से जुड़ सके। जिला पदाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्थानीय उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने में उसके पीछे की कहानी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने बुनकरों से आग्रह किया कि वे अपने उत्पादों में स्थानीय उत्पाद, सांस्कृतिक विरासत और नालंदा की पहचान को प्रमुखता दें। उन्होंने प्रत्येक बावन बूटी उत्पाद पर क्यूआर (QR) कोड अंकित करने का भी सुझाव दिया, जिससे खरीदार उत्पाद की निर्माण प्रक्रिया, उसे बनाने वाले कारीगरों, प्रयुक्त सामग्री एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां आसानी से प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग कर तथा विभिन्न डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स का सहयोग लेकर बावन बूटी उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक किया जा सकता है। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने का भी प्रयास करेगा, ताकि इस शिल्प का उत्पादन, विपणन एवं प्रचार-प्रसार और अधिक व्यापक हो तथा यह नालंदा की विशिष्ट पहचान के रूप में स्थापित हो सके। इस अवसर पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक ने कहा कि जीआई (GI) टैग प्राप्त होने के बाद सभी बुनकरों को उससे जोड़ा जाएगा, ताकि वे जीआई टैग का वैधानिक रूप से उपयोग कर सकें। उन्होंने बताया कि बावन बूटी उत्पादों को विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही भविष्य में क्षेत्र में धागा उत्पादन इकाई स्थापित करने की संभावनाओं का भी परीक्षण किया जाएगा, जिससे बुनकरों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। कार्यक्रम के दौरान बुनकरों की ओर से नीतू कुमारी, सूरज देव एवं मणिकांत कुमार सहित अन्य प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं एवं सुझाव साझा किए। उन्होंने कहा कि उत्पादों की मार्केटिंग उनकी सबसे बड़ी चुनौती है और उन्हें स्थायी बाजार उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने बावन बूटी कला के संरक्षण एवं नई पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था करने का अनुरोध किया। बुनकरों ने यह भी सुझाव दिया कि बावन बूटी उत्पादों का उपयोग अस्पतालों, रेलवे एवं अन्य सरकारी संस्थानों में बढ़ाया जाए, जिससे उन्हें स्थायी बाजार मिल सके। साथ ही प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं राज्य के प्रतिष्ठित होटलों में उत्पादों की बिक्री एवं प्रदर्शन के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध कराने का अनुरोध भी जिला प्रशासन से किया। जिला पदाधिकारी ने बुनकरों के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सभी व्यवहारिक प्रस्तावों पर सकारात्मक रूप से विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। Samrat Choudhary CMO Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar Industries Department, Bihar Bihar Industrial Area Development Authority - BIADA

Nalanda, Bihar | Jul 11, 2026

*एक नए युग की शुरुआत: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन!*

*एक नए युग की शुरुआत: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन!*

Bihar, Nalanda | Jul 11, 2026

प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक : 10.07.2026
कार्यालय : जिला कृषि पदाधिकारी, नालन्दा
उर्वरकों की निर्धारित दर पर बिक्री एवं कालाबाजारी रोकने को लेकर जिला स्तरीय बैठक आयोजित
आज दिनांक 10.07.2026 को जिला कृषि पदाधिकारी, नालन्दा की अध्यक्षता में जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, निर्धारित मूल्य पर बिक्री सुनिश्चित कराने तथा कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले के सभी उर्वरक कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधक, सभी थोक उर्वरक विक्रेता, सभी खुदरा उर्वरक विक्रेता, सभी अनुमण्डल कृषि पदाधिकारी एवं सभी प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में वर्तमान खरीफ मौसम में किसानों को समय पर एवं निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी, नालन्दा ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि जिले में किसी भी परिस्थिति में उर्वरकों की बिक्री सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक दर पर नहीं की जाएगी। यदि किसी विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचने, कालाबाजारी करने अथवा कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश एवं प्रचलित नियमों के तहत कठोर कार्रवाई करते हुए उनके उर्वरक विक्रय अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के निलंबन अथवा रद्दीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि पदाधिकारी ने सभी उर्वरक कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों एवं थोक उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिया कि उर्वरकों के साथ किसी भी प्रकार के अन्य उत्पाद, जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व, कीटनाशी, जैव उत्पाद अथवा अन्य कृषि सामग्री की अनिवार्य टैगिंग (Tagging) नहीं की जाएगी। किसानों को किसी भी उत्पाद की खरीद के लिए बाध्य करना पूर्णतः अनुचित एवं नियमों के विरुद्ध है। यदि इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित कंपनी एवं विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में उपस्थित सभी अनुमण्डल कृषि पदाधिकारियों एवं प्रखण्ड कृषि पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें कि सभी विक्रेता स्टॉक एवं मूल्य सूची का प्रदर्शन करें, निर्धारित दर पर उर्वरक की बिक्री करें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होने दें। किसी भी शिकायत पर त्वरित जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि पदाधिकारी, नालन्दा ने किसानों से अपील की कि वे उर्वरक केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खरीदें तथा खरीद के समय अनिवार्य रूप से रसीद (कैश मेमो) प्राप्त करें। यदि किसी विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक राशि की मांग की जाती है, उर्वरक के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है अथवा किसी प्रकार की कालाबाजारी की जाती है, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, अनुमण्डल कृषि पदाधिकारी अथवा जिला कृषि कार्यालय को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की जा सके।
बैठक में यह भी बताया गया कि जिले में वर्तमान समय में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसानों को घबराने अथवा अनावश्यक भंडारण करने की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में जिले में यूरिया का 11,538.28 मीट्रिक टन, डीएपी का 2,083.10 मीट्रिक टन, एम.ओ.पी. (MOP) 743 मीट्रिक टन, एन.पी.के. (NPK) 6960.4 मीट्रिक टन, एस.एस.पी. (SSP) 7933.28 मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध है। आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों की आपूर्ति लगातार की जा रही है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी।
जिला कृषि पदाधिकारी ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिया कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उर्वरकों का पारदर्शी, सुचारु एवं नियमसम्मत वितरण सुनिश्चित करें तथा शासन के सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन करें।
Samrat Choudhary 
CMO Bihar 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
VIJAY KUMAR SINHA 
Bihar Agricultural Management & Extension Training Institute 
Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India 
Department of Agriculture, Government of Bihar

प्रेस विज्ञप्ति दिनांक : 10.07.2026 कार्यालय : जिला कृषि पदाधिकारी, नालन्दा उर्वरकों की निर्धारित दर पर बिक्री एवं कालाबाजारी रोकने को लेकर जिला स्तरीय बैठक आयोजित आज दिनांक 10.07.2026 को जिला कृषि पदाधिकारी, नालन्दा की अध्यक्षता में जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, निर्धारित मूल्य पर बिक्री सुनिश्चित कराने तथा कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी उर्वरक कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधक, सभी थोक उर्वरक विक्रेता, सभी खुदरा उर्वरक विक्रेता, सभी अनुमण्डल कृषि पदाधिकारी एवं सभी प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में वर्तमान खरीफ मौसम में किसानों को समय पर एवं निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी, नालन्दा ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि जिले में किसी भी परिस्थिति में उर्वरकों की बिक्री सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक दर पर नहीं की जाएगी। यदि किसी विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचने, कालाबाजारी करने अथवा कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश एवं प्रचलित नियमों के तहत कठोर कार्रवाई करते हुए उनके उर्वरक विक्रय अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के निलंबन अथवा रद्दीकरण की कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि पदाधिकारी ने सभी उर्वरक कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों एवं थोक उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिया कि उर्वरकों के साथ किसी भी प्रकार के अन्य उत्पाद, जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व, कीटनाशी, जैव उत्पाद अथवा अन्य कृषि सामग्री की अनिवार्य टैगिंग (Tagging) नहीं की जाएगी। किसानों को किसी भी उत्पाद की खरीद के लिए बाध्य करना पूर्णतः अनुचित एवं नियमों के विरुद्ध है। यदि इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित कंपनी एवं विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में उपस्थित सभी अनुमण्डल कृषि पदाधिकारियों एवं प्रखण्ड कृषि पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें कि सभी विक्रेता स्टॉक एवं मूल्य सूची का प्रदर्शन करें, निर्धारित दर पर उर्वरक की बिक्री करें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होने दें। किसी भी शिकायत पर त्वरित जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि पदाधिकारी, नालन्दा ने किसानों से अपील की कि वे उर्वरक केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खरीदें तथा खरीद के समय अनिवार्य रूप से रसीद (कैश मेमो) प्राप्त करें। यदि किसी विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक राशि की मांग की जाती है, उर्वरक के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है अथवा किसी प्रकार की कालाबाजारी की जाती है, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, अनुमण्डल कृषि पदाधिकारी अथवा जिला कृषि कार्यालय को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की जा सके। बैठक में यह भी बताया गया कि जिले में वर्तमान समय में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसानों को घबराने अथवा अनावश्यक भंडारण करने की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में जिले में यूरिया का 11,538.28 मीट्रिक टन, डीएपी का 2,083.10 मीट्रिक टन, एम.ओ.पी. (MOP) 743 मीट्रिक टन, एन.पी.के. (NPK) 6960.4 मीट्रिक टन, एस.एस.पी. (SSP) 7933.28 मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध है। आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों की आपूर्ति लगातार की जा रही है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी। जिला कृषि पदाधिकारी ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिया कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उर्वरकों का पारदर्शी, सुचारु एवं नियमसम्मत वितरण सुनिश्चित करें तथा शासन के सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन करें। Samrat Choudhary CMO Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar VIJAY KUMAR SINHA Bihar Agricultural Management & Extension Training Institute Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India Department of Agriculture, Government of Bihar

Nalanda, Bihar | Jul 10, 2026

सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों की जुबानी: 400 रुपये से बढ़कर 1100 रुपये हुई पेंशन, जीवन में आया सम्मान और संबल
Samrat Choudhary 
CMO Bihar 
Vijay Kumar Choudhary 
Bijendra Pd. Yadav, Minister Of Bihar Govt. 
Dr. Shweta Gupta 
 Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Social Welfare Department, Government of Bihar 
#SamajikSurakshaPension
#SocialSecurityPension
#BiharGovernment 
#DirectBenefitTransfer

सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों की जुबानी: 400 रुपये से बढ़कर 1100 रुपये हुई पेंशन, जीवन में आया सम्मान और संबल Samrat Choudhary CMO Bihar Vijay Kumar Choudhary Bijendra Pd. Yadav, Minister Of Bihar Govt. Dr. Shweta Gupta Information & Public Relations Department, Government of Bihar Social Welfare Department, Government of Bihar #SamajikSurakshaPension #SocialSecurityPension #BiharGovernment #DirectBenefitTransfer

Nalanda, Bihar | Jul 10, 2026

बिहार: aaj maanav shrikhla he to savi log like kare #01 #0786 #02457viral #0786 @drsushilkrgupta @bjpkaushambi16 - Bihar News