सीज अस्पताल में चोरी, शिकायत पर भी खामोश प्रशासन! आखिर किसे बचाया जा रहा है?
देहरादून: जिला प्रशासन के आदेश पर 22 मई 2026 से सीज पड़े पेनेसिया अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा 23 जून 2026 को जिलाधिकारी को लिखित शिकायत देकर साफ तौर पर आशंका जताई गई थी कि अस्पताल परिसर में अनधिकृत प्रवेश हो रहा है, चोरी की संभावना है और रात में तोड़फोड़ जैसी गतिविधियां देखी-सुनी गई हैं।
शिकायत में बताया गया था कि अस्पताल के गद्दे बाहर खाली प्लॉट में फेंके मिले, जिससे यह आशंका जताई गई कि कुछ लोग पीछे की ओर से दीवार फांदकर परिसर में घुस रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी रात करीब 2:30 बजे अस्पताल परिसर की ओर से संदिग्ध आवाजें और तोड़फोड़ की जानकारी दी थी। इसके बावजूद यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाती और कार्रवाई होती, तो क्या यह घटना रोकी नहीं जा सकती थी?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिलाधिकारी को लिखित शिकायत दी जा चुकी थी, तब आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यदि शिकायत पर गंभीरता दिखाई जाती, जांच होती और सुरक्षा बढ़ाई जाती, तो क्या सरकारी कब्जे में मौजूद अस्पताल में चोरी की घटना होती?
अब शासन और प्रशासन से जनता पूछ रही है—
लिखित शिकायत मिलने के बाद क्या कार्रवाई की गई?
क्या शिकायत सिर्फ फाइलों में दबाकर छोड़ दी गई?
सीज परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी किस अधिकारी की थी?
चोरी की जिम्मेदारी कौन लेगा?
क्या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
यह मामला केवल चोरी का नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का भी है। जिस संपत्ति की सुरक्षा का दावा प्रशासन कर रहा था, उसी परिसर में चोरी होना व्यवस्था की गंभीर विफलता की ओर इशारा करता है। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन जवाब देता है या फिर सवालों से बचने की कोशिश करता है।
Pauri, Garhwal | Jul 15, 2026