. वृंदावन से जयपुर तक श्री राधा गोपीनाथ जी की दिव्य दर्शन
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गोपीनाथ जी
16वीं शताब्दी में मधु पंडित को वृंदावन के वंशीवट क्षेत्र में श्री गोपीनाथ जी का विग्रह प्राप्त हुआ। उन्होंने वहाँ मंदिर बनवाकर नियमित पूजा आरंभ की।
बाद में मुगल काल में मंदिरों पर संकट के समय अनेक विग्रहों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।
आमेर के राजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने कई विग्रहों को राजस्थान में संरक्षण दिया। उसी समय श्री गोपीनाथ जी को जयपुर लाया गया और यहाँ उनका भव्य मंदिर स्थापित हुआ।
आज जयपुर का श्री राधा गोपीनाथ जी मंदिर गौड़ीय वैष्णव परंपरा का प्रमुख तीर्थ है, जहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन करते हैं।
Rohtak, Rohtak | Jul 23, 2026