मुरैना - अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध होगी समन्वित एवं तकनीक आधारित कार्रवाई*
*मुरैना में आयोजित अंतरराज्यीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक में संयुक्त कार्ययोजना तैयार*
*निगरानी तंत्र सुदृढ़ करने, डाटा साझाकरण बढ़ाने और संयुक्त प्रवर्तन कार्रवाई पर बनी सहमति*
मुरैना, राष्ट्रीय चम्बल अभ्यारण्य क्षेत्र एवं अंतरराज्यीय सीमा क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से मंगलवार को देवरी स्थित सर्किट हाउस में अंतरराज्यीय माइनिंग टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुरैना, आगरा एवं धौलपुर जिलों के प्रशासनिक, पुलिस, वन एवं खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया तथा अवैध खनन के विरुद्ध संयुक्त रणनीति तैयार की।
इस अवसर पर आयुक्त चम्बल संभाग श्री सुरेश कुमार, डीआईजी श्री सुनील जैन, सीसीएफ ग्वालियर श्री लवित भारती, कलेक्टर मुरैना श्री लोकेश कुमार जांगिड़, कलेक्टर धौलपुर श्री श्रीनिधि बी.टी., कलेक्टर प्रतिनिधि एवं अपर कलेक्टर आगरा श्री संदीप कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक मुरैना श्री धर्मराज मीणा, पुलिस अधीक्षक धौलपुर श्री विकास सांगवान, डीएफओ मुरैना श्री हरिश्चन्द्र बघेल, डीएफओ धौलपुर श्री दीपक कुमार मीणा,डीसीएफ टेरेस्टीयल धौलपुर वी चेतन कुमार सहित मुरैना खनिज अधिकारी श्री एस के निर्मल,धौलपुर एवं आगरा के खनिज अधिकारी, परिवहन विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में अतिसंवेदनशील एवं संवेदनशील क्षेत्रों, चेकपोस्टों की स्थिति, संयुक्त कार्रवाई की वर्तमान व्यवस्था तथा अवैध खनन से प्रभावित क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने राज्य सीमाओं पर समन्वित कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाने, खनन गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने तथा सूचना आदान-प्रदान की सुदृढ़ व्यवस्था विकसित करने पर सहमति व्यक्त की।
चम्बल संभाग आयुक्त श्री सुरेश कुमार ने सभी जिलों को अपने-अपने घाटों, चेकपोस्टों, तैनात अमले, निगरानी संसाधनों एवं नदी किनारे स्थित ग्रामों का अद्यतन विवरण साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिले घाटों की मैपिंग, संवेदनशील स्थलों की सूची, चेकपोस्टों की स्थिति, नदी तटीय ग्रामों तथा तैनात अमले की जानकारी नियमित रूप से साझा करें, जिससे संयुक्त कार्रवाई अधिक प्रभावी हो सके। उन्होंने कहा कि अवैध रेत उत्खनन की रोकथाम के लिए सभी विभागों को समन्वय एवं सतर्कता के साथ कार्य करना होगा तथा संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात दलों को निरंतर अलर्ट मोड पर रखा जाए।
उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) श्री सुनील जैन ने कहा कि अवैध रेत उत्खनन की रोकथाम के लिए त्रिस्तरीय रणनीति अपनाना आवश्यक है। इसके तहत प्रथम स्तर पर घाटों एवं खनन स्थलों पर निगरानी एवं कार्रवाई, द्वितीय स्तर पर परिवहन मार्गों एवं वाहनों की सघन जांच तथा तृतीय स्तर पर उन गंतव्य स्थलों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी जहां अवैध रूप से उत्खनित रेत का भंडारण अथवा उपयोग किया जाता है। उन्होंने एम-सैंड जैसे वैकल्पिक संसाधनों को बढ़ावा देने तथा आमजन को इसके प्रति जागरूक करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने बिना पंजीयन वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों एवं अन्य वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने, डिजिटल रिकॉर्ड संधारित करने तथा अंतरराज्यीय स्तर पर डाटा साझाकरण की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया।
कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा कि अवैध खनन की रोकथाम के लिए संबंधित जिलों एवं राज्यों के बीच सतत समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों, कंट्रोल रूम तथा सर्विलांस सिस्टम के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए कहा कि संदिग्ध वाहनों पर अंतरराज्यीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु प्रभावी एसओपी तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने बिना पंजीयन वाले वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने तथा सभी वैध खनिज परिवहन वाहनों में जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली स्थापित करने की आवश्यकता बताई।
पुलिस अधीक्षक मुरैना श्री धर्मराज मीणा ने कहा कि अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाइयों की जानकारी राज्यों एवं जिलों के बीच साझा की जानी चाहिए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में संयुक्त गश्त, सीसीटीवी निगरानी, जब्त एवं अपंजीकृत वाहनों का डाटा साझा करने तथा स्थानीय स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
वन विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय चम्बल अभ्यारण्य क्षेत्र में नेस्टिंग साइटों एवं संवेदनशील वन्यजीव क्षेत्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए फेंसिंग, कैमरा नेटवर्क एवं नाइट विजन उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
बैठक में सर्विलांस सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए घाटों, पुलों एवं संवेदनशील मार्गों पर सीसीटीवी एवं ड्रोन कैमरे स्थापित करने, राज्यों के बीच रियल टाइम डाटा शेयरिंग व्यवस्था विकसित करने तथा संयुक्त नियंत्रण कक्षों को सुदृढ़ करने पर सहमति बनी। चेकिंग प्वाइंट्स पर डिजिटल रिकॉर्ड संधारित करने तथा बिना पंजीयन वाले वाहनों एवं उनके संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में नाइट विजन कैमरे, वाई-फाई आधारित निगरानी प्रणाली, पीए सिस्टम एवं अन्य आधुनिक तकनीकी संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया। घाटों, चेकपोस्टों एवं संवेदनशील क्षेत्रों की वैज्ञानिक मैपिंग कर निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।
बैठक में बिना पंजीयन वाले वाहनों के विरुद्ध संयुक्त अभियान चलाने, सभी वैध खनिज परिवहन वाहनों में जीपीएस प्रणाली एवं हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने, सीमा क्षेत्रों में संयुक्त गश्त बढ़ाने, संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति करने तथा आपराधिक रिकॉर्ड एवं जब्त वाहनों का डाटा साझा करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही अवैध खनन में संलिप्त वाहनों की जब्ती के बाद उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा अंतरराज्यीय स्तर पर समन्वित प्रवर्तन व्यवस्था विकसित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अवैध खनन से संबंधित जब्ती, गिरफ्तारी, तलाशी एवं अन्य प्रवर्तन कार्यवाहियों के लिए एक समान प्रारूप एवं प्रक्रियाएं विकसित की जाएंगी, जिससे विभिन्न राज्यों के बीच डाटा साझाकरण एवं रिकॉर्ड संधारण में सुविधा हो सके। अंतरराज्यीय माइनिंग टास्क फोर्स की नियमित बैठकें प्रत्येक तीन माह के अंतराल पर आयोजित की जाएंगी तथा संयुक्त कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।
बैठक में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध अंतरराज्यीय स्तर पर समन्वित, तकनीक आधारित एवं सख्त कार्रवाई की व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई, जिससे चम्बल क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
Morena Nagar, Morena | Jun 23, 2026