परिवार नियोजन के अनेक उपाय, जो मन भायें वो अपनायें
यह मात्र 15 मिनट में दक्ष चिकित्सक द्वारा होने वाला एक स्थायी विधि है और अगले दिन अस्पताल से छुट्टी।
यह विधि प्रसव/गर्भपात के 7 दिन के अन्दर या 6 सप्ताह बाद अपनाया जा सकता है।
यह विधि तब ही सफल मानी जाती है, जब ऑपरेशन के बाद महिला का मासिक फिर शुरू हो जाए या एक माह पश्चात प्रेगनेंसी टेस्ट निगेटिव हो। महिला संध्याकरण का प्रमाण बंध्याकरण की सफलता की पुष्टि होने के पश्चात द्धा माह पश्चातक दिया जाता है।
यह मात्र 10 मिनट में देश चिकिन्सक द्वारा होने वाला एक स्थायी विधि है और एक घंटा के अंदर अस्पताल से छुट्टी।
यह विधि कभी भी अपनायी जा सकती है।
यह विधि सफल राबही मानी जाती है जब ऑपरेशन के तीन माह पश्चात पुरुष के वीर्य की जाँच में शुक्राणुना पाया जाए।
पुरुष नसबंदी का प्रमाण नसबंदी की सफलता की पुष्टि होने के 3 माह पश्चात दिया जाता है।
यह लंबी अवधि तक इस्तमाल की जा सकने वाली अत्याची विधी है।
जाँच करने के उपरातं प्रशिक्षित सेवाप्रदाता द्वारा लगाया जाता है।
आईयूसीडी 380 ए दस वर्षों के लिए एवं आईयूसीडी 375 पाँच वर्षों के लिए प्रभावशाली है।
आईयूसीडी निकलवाने के पश्चात प्रजनन क्षमता तुरंत वापस आ जाती है।
युछ महिलाओं को इसके कारण अनियमित रकाखाय, पेडू में मरोड़ हो सकता जो आमतौर पर कुछ समय पश्चात् स्वतः समारा हो जाता है।
यह एक सुरक्षित हारमोनल गोली है, जो महिला को नियमित रूप से एक गोली प्रतिदिन लेनी है।
इसमें 28 गोलियों होती हैं, जिसमें 21 गर्भनिरोधक एवं 7 आयरन की होती है।
माहवारी शुरू होने के पाँचवें दिन से गोली की शुरुआत करनी चाहिए।
गोली शुरू करने के पहले यह जरूरी है कि किसी डॉक्टर/ए.एन. एम से महिला की जाँच कराई जाए।
गर्भनिरोधक गोली आशा द्वारा भी वितरित किया जाता है।
स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्रलय के 6 माह तक इस गोली का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
एम.पी.ए. प्राकृतिक महिला हॉरमोन की तरह ही हॉरमोन निहित है।
विधि शुरू करने से पहले महिला की जाँच डॉक्टर से कराना महत्वपूर्ण है।
यह सूई द्वारा दिया जाता है।
यह एक अस्थाई साधन है जिसका एक टीका बसूईक तीन माह तक प्रभावशील रहता है। लंबे समय तक सुरक्षा के लिए हर तीन
महीने में सुई लगवानी होती है।
इटा विधी से माँ के दूध की मात्रा एवं गुणवत्ता पर कोई खराब असर नहीं पड़ता है, इसलिए यह स्तनपान कराने वाली महिला के लिए भी सुरक्षित है।
सानपान कटाने वाली महिला इसका उपयोग प्रसव के 6 सप्ताह द्ध 42 दिनऋ के बाद ही कर सकती है।
कुछ महिलाओं को अनियमित माहवारी हो सकती है जो टीका छोड़ने पर स्वतः सामान्य हो जाता है।
इसमें किसी भी तरीके का हॉरमोन नहीं है।
इसलिए यह अन्य मिश्रित गर्भनिरोधक गोलियों के दुश्वमाय से मुक्त है जैसे कि मिचली आना, वजन बढ़ना, सूजन, उच्च रक्तचाप का होना।
विधी शुरू करने के पहले यह जरूरी है कि किसी डॉक्टर से महिला की जाँच कराई जाए।
एक गोली सप्ताह में दो बार, शुरू के तीन माह तक फिट सप्ताह में केवल एक बार जब तक बच्चा न चाहें। पहले तीन माह में पहली गोली माहवाही शुरू होने के दिन से शुरू करें एवं दुसरी गोली तीसरे दिन में तय समय से लें।
यह एनसिक कम खून वाली महिलाओं के लिए लाभदायक है क्योंकि यह गोली माहवारी में खून की मात्रा को कम एवं अंतराल
को सम्बा करता है।
* गर्भनिरोध के साथ चौन रोग मुख्यतः एच.आई.वी./एड्स से भी सुरक्षा देता है।
पुरुषको परिवार नियोजन की जिम्मेदारी निभाने में सक्षम बनाता है।
यह विधि सुरक्षित एवं दुष्परिणाम रहित है। हर बार संभोग के दौरान पुरुष को नये कंडोम का इस्तमाल करना चाहिए।
यह असुरक्षित यौन संबंध के पश्चात 72 घंटे 3 दिन) के ) के अंदर खाथी जाने वाली गोली है। जिससे असुरक्षित गर्भ धारण की संभावना नहीं रहती है।
यह नियमित अप से खाई जाने वाली गर्भ निरोधक गोली नहीं है।
अधिक जानकारी के लिए अपने क्षेत्र की ए.एन.एम./आशा/आँगनबाड़ी सेविका/
विकास मित्र / जीविकां सहेली से सम्पर्क करें। Public ki Awaz Public Ki Awaz - News
Arwal, Arwal | Jul 13, 2026