सीसीटीवी की चौकस निगाहों में ऊना ज़िला, कानून व्यवस्था को मिली नई मजबूती
'सामर्थ्य' के तहत विकसित तकनीक आधारित निगरानी तंत्र से अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा को मिला नया आयाम
ऊना, 24 जुलाई. ऊना की सड़कों, बाजारों, प्रमुख चौकों और सार्वजनिक स्थलों पर अब आधुनिक कैमरों की चौबीसों घंटे नजर है। कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, अपराधों पर पैनी निगरानी रखने तथा सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने जिले में तकनीक आधारित निगरानी तंत्र को नई मजबूती दी है। उपायुक्त जतिन लाल की पहल पर संचालित 'सामर्थ्य' कार्यक्रम के तहत जिला रेडक्रॉस सोसायटी और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के सीएसआर सहयोग से यह आधुनिक व्यवस्था विकसित की गई है।
बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर जिले में आधुनिक निगरानी तंत्र का तेजी से विस्तार किया गया है। सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों को सीसीटीवी नेटवर्क से जोड़ने के बाद संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने, घटनाओं की त्वरित जानकारी जुटाने, जांच के लिए साक्ष्य उपलब्ध कराने और अपराधों की रोकथाम में पुलिस को मदद मिल रही है। इससे सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा का माहौल भी मजबूत हुआ है।
जिले में आधुनिक निगरानी तंत्र के विकास के लिए 'सामर्थ्य' कार्यक्रम के तहत 12.50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की गई है। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग तथा अन्य विभागों के कन्वर्जेंस के माध्यम से भी इस निगरानी तंत्र का विस्तार किया गया है ।
जिले के ऊना, बंगाणा, मेहतपुर, अंब और चिंतपूर्णी क्षेत्रों में कुल 50 स्थानों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) प्रणाली स्थापित की गई है। प्रत्येक स्थान पर दो एएनपीआर और दो एविडेंस कैमरे लगाए गए हैं। इस प्रकार इन 50 स्थानों पर कुल 200 कैमरों का नेटवर्क तैयार किया गया है। इसके अलावा ऊना शहर में कुल 100 कैमरे लगाए गए हैं। इनमें 30 एएनपीआर, 60 एविडेंस तथा 10 पैन-टिल्ट-ज़ूम (पीटीजेड) कैमरे शामिल हैं, जिनकी चौबीसों घंटे निगरानी ऊना कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की जा रही है।
यह व्यवस्था कानून व्यवस्था तक ही सीमित नहीं है। जिले में आठ स्थानों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) तथा 30 स्थानों पर व्हीकल एक्ट्यूएटेड स्पीड साइनेज स्थापित किए गए हैं। इन प्रणालियों के माध्यम से यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन, तेज रफ्तार वाहनों पर निगरानी तथा सड़क सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।
निगरानी तंत्र का विस्तार जिले के अन्य क्षेत्रों तक भी किया गया है। बंगाणा में 32 तथा गगरेट में 16 कैमरे स्थापित किए गए हैं। निगरानी तंत्र का विस्तार जिले के अन्य क्षेत्रों तक भी किया गया है। बंगाणा में 32 तथा गगरेट में 16 कैमरे स्थापित किए गए हैं। वहीं, हरोली में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की पहल तथा जिला प्रशासन के समन्वय से विकसित अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के तहत 200 कैमरे स्थापित किए गए हैं।
उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि 'सामर्थ्य' का उद्देश्य विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ समाज की जरूरतों के अनुरूप ऐसे स्थायी समाधान विकसित करना है, जिनका सीधा लाभ आम लोगों को मिले। आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी तंत्र इसी सोच का हिस्सा है। इससे अपराधों पर प्रभावी निगरानी, कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।
Information And Public Relations Department, Himachal Pradesh Himachal Pradesh DC Una