#बलिया बच्चे की हाइट से बड़ी स्कूटी… हाथ में चाबी और सड़क पर फर्राटा! इसे लाड़-प्यार कहें या #जिंदगी के साथ #लापरवाही?
कक्षा-4 में पढ़ने वाला करीब 7-8 साल का #बच्चा जब सड़क पर #स्कूटी चलाता नजर आता है, तो यह सिर्फ एक बच्चे का मामला नहीं है। यह परिवार, #समाज और #सड़क #सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा सवाल है।
सबसे पहले सवाल घर से होना चाहिए: इतने छोटे बच्चे को स्कूटी की चाबी मिली कैसे?
#हादसा होने के बाद अक्सर वाहन चालक, पुलिस और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की आवाज उठती है। लेकिन हादसा होने से पहले बच्चे को वाहन से दूर रखना किसकी जिम्मेदारी है?
जवाब साफ है—सबसे पहली जिम्मेदारी अभिभावकों की है।
बच्चे की जिद पूरी करना कुछ मिनट की खुशी दे सकता है, लेकिन सड़क पर एक छोटी-सी चूक बच्चे की जिंदगी और किसी दूसरे परिवार की खुशियां दोनों खतरे में डाल सकती है।
- क्या 7-8 साल के बच्चे को स्कूटी चलाने देना सामान्य बात मान ली जाए?
- क्या अभिभावकों को ऐसी स्थिति में सख्ती से रोकना नहीं चाहिए?
- क्या प्रशासन को भी ऐसे मामलों में नियमित जागरूकता और कार्रवाई बढ़ानी चाहिए?
हादसे के बाद शोर मचाने से बेहतर है हादसे से पहले चाबी रोक देना।
बच्चे को वाहन चलाना सिखाने की जल्दी नहीं, उसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी जरूरी है।
और यह जिम्मेदारी सबसे पहले घर से शुरू होती है।
आप क्या मानते हैं—ऐसे मामलों में सबसे बड़ी जिम्मेदारी अभिभावकों की है, प्रशासन की है या दोनों की? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
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