💥🤔 सरपंच की निरंकुशता और पंचायती राज का कबाड़ा
ग्राम पंचायत बरहा में पंचायती राज की आत्मा का ही कत्ल कर दिया गया है। सरपंच की कार्यशैली ने दमरी टोला को गर्त में धकेल रक्खा है।ग्रामीणों के अनुसार सरपंच द्वारा ग्राम पंचायत की बैठकों का आयोजन नही किया जाता यहाँ पंचों को दरकिनार कर अपनी मनमानी चलाना आम बात हो गई है। दमरी टोला की इस बर्बादी के लिए जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी भी कम गुनहगार नहीं हैं। जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और मैदानी अमले ने स्थानीय समस्याओं पर पूरी तरह से आँखें मूंद रखी हैं। जब ग्रामीण अपनी फरियाद लेकर दफ्तरों के चक्कर काटते हैं, तो अफसर सिर्फ आश्वासन का झुनझुना थमा कर उन्हें वापस लौटा देते है!
*आंगनवाड़ी के लिए 5 किलोमीटर का कठिन सफर*
ग्रामीणों के अनुसार दमरी टोला (हरिजन बस्ती) से आंगनवाड़ी केंद्र की दूरी लगभग 5 किलोमीटर है।
इतनी लंबी दूरी के कारण छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएँ और धात्री माताएँ केंद्र तक नहीं पहुँच पातीं, नतीजतन नौनिहाल कुपोषण का शिकार हो रहे हैं और नियमित टीकाकरण से वंचित हैं। दमरी टोला के पास मिनी आंगनवाड़ी केंद्र न खोलना प्रशासनिक अपराध से कम नहीं है।
*पक्की सड़क व पुलिया का अभाव, राशन के लिए 7 किमी का संघर्ष*
दमरी टोला में जिंदगी हर कदम पर इम्तिहान लेती है, गरीबों और बुजुर्गों को मिलने वाला सरकारी राशन भी 7 किलोमीटर दूर धकेल दिया गया है। जिसमे कच्चा व गड्ढों वाला मार्ग राशन दुकान तक पहुँचने में वृद्धों का दम फूला देता है।
*पीएम आवास से वंचित परिवार*
सरकार का दावा है कि हर गरीब को पक्की छत दी जा रही है, लेकिन यहाँ की हकीकत कुछ और ही बयां करती है। बार-बार दस्तावेज देने के बावजूद दमरी टोला के गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) से बेदखल रखा गया है।
*अगली बार अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन!*
दमरी टोला के ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जनपद सीईओ, जिला प्रशासन और सरपंच ने दमरी टोला में मिनी आंगनवाड़ी, पक्की सड़क, राशन दुकान स्थानांतरण जैसी मांगों पर तत्काल अमल नहीं किया, तो वह अगली बार जनपद कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
Majhgawan, Satna | Aug 2, 2026