चंबल से खत्म हुआ रेत माफिया का साम्राज्य, सीईसी ने मुरैना प्रशासन को दी क्लीन चिट
कभी अवैध रेत उत्खनन के लिए चर्चाओं में रहने वाली चंबल नदी अब पुनः अपने प्राकृतिक स्वरूप की ओर लौटती दिखाई दे रही है। केंद्रीय सशक्त समिति (सीईसी) के सदस्य श्री चंद्र प्रकाश गोयल ने मुरैना जिले में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मुरैना जिले में चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन पूरी तरह बंद हो चुका है तथा इसके लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा किए गए प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई भी दी।
चंबल स्थित देवरी घड़ियाल केंद्र पर आयोजित अंतर्राज्यीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता सीईसी सदस्य श्री चंद्र प्रकाश गोयल ने की। बैठक में मध्यप्रदेश एवं राजस्थान के चंबल अंचल से जुड़े वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान चंबल नदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन की रोकथाम के लिए किए गए प्रयासों तथा वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
श्री गोयल ने कहा कि मुरैना जिले में चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा चुका है और इसका सकारात्मक प्रभाव नदी के पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी तंत्र पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि चंबल नदी अब धीरे-धीरे अपने मूल एवं प्राकृतिक स्वरूप में लौट रही है, जो संरक्षण और सतत प्रबंधन के प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम है।
उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय मुरैना पुलिस एवं जिला प्रशासन को देते हुए कहा कि लगातार निगरानी, सघन अभियान, कठोर कार्रवाई तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के कारण अवैध उत्खनन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सका है। प्रशासन की सतत सक्रियता और अंतरविभागीय समन्वय ने चंबल क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
समीक्षा बैठक में चंबल संभाग आयुक्त श्री सुरेश कुमार, कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीणा, भिण्ड कलेक्टर, धौलपुर कलेक्टर सुश्री निधि बीटा, धौलपुर पुलिस अधीक्षक श्री विकास सांगवान, आगरा, धौलपुर, भिण्ड, श्योपुर एवं मुरैना के वनमंडलाधिकारी, भिण्ड, श्योपुर, धौलपुर, आगरा और मुरैना जिले के श्री सुखदेव निर्मल सभी जिलों के NHAI के अधिकारी, CSC चैयरमेन तथा पांचों जिलों के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुरैना ज़िलें द्वारा की गई कार्यवाही और प्लानिंग की तारीफ की, m sand और रेत भंडारणों के माध्यम से रेत उपलब्ध करवाने को अच्छा बताया।