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शिमला शहरी: नाबालिग का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने पर देवभूमि संघर्ष समिति ने संजौली में आरोपियों को पकड़कर सड़क पर घुमाया

Shimla Urban, Shimla | Jun 7, 2026

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शाहपुर के बोह गांव पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, आपदा प्रभावितों से मिलकर जाना हाल, हर संभव सहायता का दिया भरोसा
#SukhvinderSinghSukhu #CMHimachal #Shahpur #BohVillage #DisasterRelief #HimachalPradesh #ReliefAndRehabilitation #DisasterResponse #Shimla #NewsHimachalNow

शाहपुर के बोह गांव पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, आपदा प्रभावितों से मिलकर जाना हाल, हर संभव सहायता का दिया भरोसा #SukhvinderSinghSukhu #CMHimachal #Shahpur #BohVillage #DisasterRelief #HimachalPradesh #ReliefAndRehabilitation #DisasterResponse #Shimla #NewsHimachalNow

Shimla Urban, Shimla | Jul 26, 2026

राज्यपाल ने अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का किया शुभारंभ
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और नशामुक्त समाज के निर्माण का किया आह्वान
कारगिल विजय दिवस पर कारगिल के वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज चंबा के ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर चंबा और हिमाचल प्रदेश की जनता को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सदियों पुराना यह मेला प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सांप्रदायिक सौहार्द और जीवंत लोक परंपराओं का प्रतीक है।
राज्यपाल ने ऐतिहासिक चौगान में जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश ने अपनी समृद्ध परंपराओं, लोक-कलाओं, मेलों और त्योहारों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संजोकर रखा है। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने तथा भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि मिंजर जैसे मेले हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने के साथ-साथ एकता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए समाज से नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे के विरूद्ध हमें मिलकर अपने युवाओं की रक्षा करनी होगी और नशामुक्त हिमाचल का निर्माण करना होगा। उन्होंने इस दिशा में चंबा पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की।
राज्यपाल ने चंबा की विश्वप्रसिद्ध पारंपरिक हस्तकलाओं, जिनमें चंबा रूमाल, चंबा चप्पल और चंबा थाल शामिल हैं, का उल्लेख करते हुए उन शिल्पकारों की प्रशंसा की जो जिले की समृद्ध कलात्मक विरासत को संरक्षित रखने में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
इससे पूर्व, कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने चंबा के कारगिल शहीदों आशीष थापा, खेम राज और ओम प्रकाश को पुष्पांजलि अर्पित की तथा उपस्थित जनसमूह को राष्ट्र के वीर सैनिकों के आदर्शों और बलिदान को सदैव स्मरण रखने एवं उनका सम्मान करने की शपथ दिलाई।
उन्होंने कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों तथा वीरता पुरस्कार प्राप्त सैन्य कर्मियों के परिजनों को भी सम्मानित किया। इनमें सेवानिवृत्त कर्नल रवि वैद्य, विद्या देवी, मुशरबू देवी, सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर अशोक कुमार, हवलदार मिलाप सिंह, हेम राज, हवलदार सुशील कुमार, हवलदार करण सिंह, अश्वनी कुमार तथा हवलदार धर्मपाल शामिल थे।
राज्यपाल ने मिंजर ध्वज फहराकर मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर अजीत भट्ट एवं उनकी मंडली ने पारंपरिक कुंजड़ी-मल्हार की प्रस्तुति दी। यह मंडली पिछले 32 वर्षों से इस विशिष्ट सांस्कृतिक परंपरा का निर्वहन कर रही है।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, विधायक नीरज नैयर एवं डी.एस. ठाकुर, एपीएमसी अध्यक्ष ललित ठाकुर, जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी, नगर परिषद चंबा की अध्यक्षा भुवनेश्वरी गुलाटी, जिला परिषद के उपाध्यक्ष लियाकत अली, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव यशवंत खन्ना, अतिरिक्त उपायुक्त अमित मेहरा, पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।

राज्यपाल ने अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का किया शुभारंभ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और नशामुक्त समाज के निर्माण का किया आह्वान कारगिल विजय दिवस पर कारगिल के वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज चंबा के ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर चंबा और हिमाचल प्रदेश की जनता को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सदियों पुराना यह मेला प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सांप्रदायिक सौहार्द और जीवंत लोक परंपराओं का प्रतीक है। राज्यपाल ने ऐतिहासिक चौगान में जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश ने अपनी समृद्ध परंपराओं, लोक-कलाओं, मेलों और त्योहारों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संजोकर रखा है। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने तथा भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि मिंजर जैसे मेले हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने के साथ-साथ एकता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए समाज से नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे के विरूद्ध हमें मिलकर अपने युवाओं की रक्षा करनी होगी और नशामुक्त हिमाचल का निर्माण करना होगा। उन्होंने इस दिशा में चंबा पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की। राज्यपाल ने चंबा की विश्वप्रसिद्ध पारंपरिक हस्तकलाओं, जिनमें चंबा रूमाल, चंबा चप्पल और चंबा थाल शामिल हैं, का उल्लेख करते हुए उन शिल्पकारों की प्रशंसा की जो जिले की समृद्ध कलात्मक विरासत को संरक्षित रखने में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इससे पूर्व, कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने चंबा के कारगिल शहीदों आशीष थापा, खेम राज और ओम प्रकाश को पुष्पांजलि अर्पित की तथा उपस्थित जनसमूह को राष्ट्र के वीर सैनिकों के आदर्शों और बलिदान को सदैव स्मरण रखने एवं उनका सम्मान करने की शपथ दिलाई। उन्होंने कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों तथा वीरता पुरस्कार प्राप्त सैन्य कर्मियों के परिजनों को भी सम्मानित किया। इनमें सेवानिवृत्त कर्नल रवि वैद्य, विद्या देवी, मुशरबू देवी, सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर अशोक कुमार, हवलदार मिलाप सिंह, हेम राज, हवलदार सुशील कुमार, हवलदार करण सिंह, अश्वनी कुमार तथा हवलदार धर्मपाल शामिल थे। राज्यपाल ने मिंजर ध्वज फहराकर मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर अजीत भट्ट एवं उनकी मंडली ने पारंपरिक कुंजड़ी-मल्हार की प्रस्तुति दी। यह मंडली पिछले 32 वर्षों से इस विशिष्ट सांस्कृतिक परंपरा का निर्वहन कर रही है। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, विधायक नीरज नैयर एवं डी.एस. ठाकुर, एपीएमसी अध्यक्ष ललित ठाकुर, जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी, नगर परिषद चंबा की अध्यक्षा भुवनेश्वरी गुलाटी, जिला परिषद के उपाध्यक्ष लियाकत अली, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव यशवंत खन्ना, अतिरिक्त उपायुक्त अमित मेहरा, पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।

Shimla Urban, Shimla | Jul 26, 2026

ऑपरेशन अपडेट | एचपी-एसडीआरएफ

कुछ मिशन जीवन बचाते हैं, तो कुछ मानव गरिमा को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई देने का दायित्व निभाते हैं।

डीडीएमए शिमला से सूचना प्राप्त होते ही एचपी-एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने आश्वनी खड्ड, शोघी–मेहली बाईपास के समीप एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण शव बरामदगी अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया।

अज्ञात मृतक का शव लगभग 1.5 किलोमीटर गहरी खाई में अत्यंत दुर्गम एवं जोखिमपूर्ण स्थान पर मिला। टीम ने विशेष रोप रेस्क्यू उपकरणों एवं तकनीकी बचाव तकनीकों का उपयोग करते हुए अत्यधिक विघटित अवस्था में मिले शव को सुरक्षित रूप से खाई से बाहर निकालकर सड़क तक पहुँचाया तथा आगे की पहचान एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई हेतु स्थानीय पुलिस के सुपुर्द किया।

हर अभियान साहस, कौशल, धैर्य और पेशेवर प्रतिबद्धता की परीक्षा होता है—चाहे वहाँ किसी जीवन को बचाने का अवसर हो या किसी दिवंगत को सम्मानपूर्वक अंतिम गरिमा प्रदान करने का दायित्व।

एचपी-एसडीआरएफ हिमाचल प्रदेश के लोगों की सेवा के लिए समर्पण, संवेदनशीलता और अटूट प्रतिबद्धता के साथ सदैव तत्पर है।
#HPSDRF #Shimla #RescueOperation #HeroesInUniform #HumanityFirst #AshwaniKhad #Shoghi #DisasterResponse #HimachalPradesh #SaluteToSDRF #ServiceBeforeSelf #NewsHimachalNow #BreakingNews

ऑपरेशन अपडेट | एचपी-एसडीआरएफ कुछ मिशन जीवन बचाते हैं, तो कुछ मानव गरिमा को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई देने का दायित्व निभाते हैं। डीडीएमए शिमला से सूचना प्राप्त होते ही एचपी-एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने आश्वनी खड्ड, शोघी–मेहली बाईपास के समीप एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण शव बरामदगी अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया। अज्ञात मृतक का शव लगभग 1.5 किलोमीटर गहरी खाई में अत्यंत दुर्गम एवं जोखिमपूर्ण स्थान पर मिला। टीम ने विशेष रोप रेस्क्यू उपकरणों एवं तकनीकी बचाव तकनीकों का उपयोग करते हुए अत्यधिक विघटित अवस्था में मिले शव को सुरक्षित रूप से खाई से बाहर निकालकर सड़क तक पहुँचाया तथा आगे की पहचान एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई हेतु स्थानीय पुलिस के सुपुर्द किया। हर अभियान साहस, कौशल, धैर्य और पेशेवर प्रतिबद्धता की परीक्षा होता है—चाहे वहाँ किसी जीवन को बचाने का अवसर हो या किसी दिवंगत को सम्मानपूर्वक अंतिम गरिमा प्रदान करने का दायित्व। एचपी-एसडीआरएफ हिमाचल प्रदेश के लोगों की सेवा के लिए समर्पण, संवेदनशीलता और अटूट प्रतिबद्धता के साथ सदैव तत्पर है। #HPSDRF #Shimla #RescueOperation #HeroesInUniform #HumanityFirst #AshwaniKhad #Shoghi #DisasterResponse #HimachalPradesh #SaluteToSDRF #ServiceBeforeSelf #NewsHimachalNow #BreakingNews

Shimla Urban, Shimla | Jul 26, 2026

शिमला.. आईजीएमसी...
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शिमला.. आईजीएमसी... #IGMCShimla #IGMC #Shimla #HimachalPradesh #Himachal #NewsUpdate #ShimlaNews #NewsHimachalNow

Shimla Urban, Shimla | Jul 26, 2026

कारगिल विजय दिवस के 27 साल: सेना प्रशिक्षण कमान ने ऑपरेशन विजय के अमर वीरों के शौर्य को सम्मान दिया।

शिमला.

  मुख्यालय सेना प्रशिक्षण कमान (आरट्रेक) ने आज कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर वर्ष 1999 के ऑपरेशन विजय के दौरान राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा करते हुए अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धापूर्वक राष्ट्रीय नमन किया।

स्मृति समारोह का शुभारंभ अन्नाडेल स्थित श्रद्धांजलि स्थल पर हुआ, जहाँ सेना प्रशिक्षण कमान के लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ  ने सभी रैंकों की ओर से शहीद वीरों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर ‘लास्ट पोस्ट’ की पवित्र धुन के बीच दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीदों को सम्मानपूर्वक नमन किया गया। ऑपरेशन विजय के वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आर्मी कमांडर ने कारगिल की दुर्गम एवं बर्फीली चोटियों पर विषम परिस्थितियों के बीच उनके असाधारण साहस, अटूट संकल्प और कर्तव्य के प्रति निस्वार्थ समर्पण को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीरों की प्रेरणादायी विरासत आज भी भारतीय सेना के लिए एक शाश्वत मार्गदर्शक है, जो राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के प्रति उसके अटूट संकल्प को निरंतर सुदृढ़ करती है।
 
दिनभर के कार्यक्रमों के अंतर्गत आर्मी कमांडर ने अन्नाडेल स्थित आर्मी हेरिटेज म्यूज़ियम का भी दौरा किया। मनोहारी अन्नाडेल घाटी में स्थित यह संग्रहालय कई पीढ़ियों के भारतीय सैनिकों के अद्वितीय शौर्य और बलिदान को प्रदर्शित करता है। आर्मी कमांडर ने संग्रहालय द्वारा अमूल्य सैन्य धरोहर, युद्ध संबंधी स्मृति-चिह्नों तथा ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण के लिए किए जा रहे समर्पित प्रयासों की सराहना की और कहा कि इससे देशभक्ति एवं सैन्य गौरव की गौरवशाली गाथा भावी पीढ़ियों तक प्रभावी ढंग से पहुँचती रहेगी। 

समारोह का समापन मुख्यालय आरट्रेक के सभी रैंकों द्वारा देशभक्ति, साहस और निस्वार्थ सेवा के सर्वोच्च आदर्शों के पालन का सामूहिक संकल्प लेकर किया गया। इस अवसर पर यह भी संकल्प दोहराया गया कि कारगिल के वीरों का सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र की सामूहिक स्मृति में सदैव अमिट रहेगा तथा आने वाली पीढ़ियों सहित करोड़ों भारतीयों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

कारगिल विजय दिवस के 27 साल: सेना प्रशिक्षण कमान ने ऑपरेशन विजय के अमर वीरों के शौर्य को सम्मान दिया। शिमला. मुख्यालय सेना प्रशिक्षण कमान (आरट्रेक) ने आज कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर वर्ष 1999 के ऑपरेशन विजय के दौरान राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा करते हुए अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धापूर्वक राष्ट्रीय नमन किया। स्मृति समारोह का शुभारंभ अन्नाडेल स्थित श्रद्धांजलि स्थल पर हुआ, जहाँ सेना प्रशिक्षण कमान के लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने सभी रैंकों की ओर से शहीद वीरों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर ‘लास्ट पोस्ट’ की पवित्र धुन के बीच दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीदों को सम्मानपूर्वक नमन किया गया। ऑपरेशन विजय के वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आर्मी कमांडर ने कारगिल की दुर्गम एवं बर्फीली चोटियों पर विषम परिस्थितियों के बीच उनके असाधारण साहस, अटूट संकल्प और कर्तव्य के प्रति निस्वार्थ समर्पण को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीरों की प्रेरणादायी विरासत आज भी भारतीय सेना के लिए एक शाश्वत मार्गदर्शक है, जो राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के प्रति उसके अटूट संकल्प को निरंतर सुदृढ़ करती है। दिनभर के कार्यक्रमों के अंतर्गत आर्मी कमांडर ने अन्नाडेल स्थित आर्मी हेरिटेज म्यूज़ियम का भी दौरा किया। मनोहारी अन्नाडेल घाटी में स्थित यह संग्रहालय कई पीढ़ियों के भारतीय सैनिकों के अद्वितीय शौर्य और बलिदान को प्रदर्शित करता है। आर्मी कमांडर ने संग्रहालय द्वारा अमूल्य सैन्य धरोहर, युद्ध संबंधी स्मृति-चिह्नों तथा ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण के लिए किए जा रहे समर्पित प्रयासों की सराहना की और कहा कि इससे देशभक्ति एवं सैन्य गौरव की गौरवशाली गाथा भावी पीढ़ियों तक प्रभावी ढंग से पहुँचती रहेगी। समारोह का समापन मुख्यालय आरट्रेक के सभी रैंकों द्वारा देशभक्ति, साहस और निस्वार्थ सेवा के सर्वोच्च आदर्शों के पालन का सामूहिक संकल्प लेकर किया गया। इस अवसर पर यह भी संकल्प दोहराया गया कि कारगिल के वीरों का सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र की सामूहिक स्मृति में सदैव अमिट रहेगा तथा आने वाली पीढ़ियों सहित करोड़ों भारतीयों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

Shimla Urban, Shimla | Jul 26, 2026

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