कागजों में 900 मीटर सड़क… लेकिन मौके पर क्या है हकीकत? आखिर कौन है जिम्मेदार?
80 लाख रुपये की स्वीकृति… और दस्तावेज़ों में 57.54 लाख रुपये की व्यय राशि।
900 मीटर सड़क का काम पूरा होने की तारीख भी दर्ज है।
लेकिन सवाल यह है—क्या मौके पर सड़क का काम वास्तव में पूरा हुआ है?
अगर काम पूरा हुआ है, तो जमीन पर उसकी स्थिति क्या है?
और अगर काम अभी तक शुरू ही नहीं हुआ, तो कागजों में काम पूरा कैसे दिखाया गया?
जनता जानना चाहती है—इस पूरे मामले में जिम्मेदारी किसकी है?