उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी स्तर पर शिकायतों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने सभी कार्यालय प्रमुखों को निर्देश किया है कि प्राप्त शिकायतों को अनिवार्य रूप से एल-1 स्तर पर ही ऑडिट किया जाए। आदेश के अनुसार, यदि कोई अधिकारी शिकायत को ऑडिट नहीं करता या समय सीमा के भीतर संतोषजनक निराकरण का प्रतिवेदन पोर्टल पर दर्ज नहीं कराता है,