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पवित्र श्रावण माह के उपलक्ष्य में निरंतर चौथे वर्ष पत्रकार एकता कावड़ यात्रा निकाली जाएगी। नगर के समस्त पत्रकार चतुर्थ श्रावण सोमवार, 24 अगस्त को प्रातः 10 बजे भावसार मोहल्ला स्थित श्री सिद्धनाथ महादेव मंदिर पर भगवान श्री सिद्धनाथ महादेव जी की पूजा-अर्चना, अभिषेक कर व कावड़ में गंगा जल भरकर श्री मेलडेरेश्वर महादेव मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे। #khargone_family

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पीजी कॉलेज खरगोन में मनाया गया रसायन विज्ञान दिवस
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आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के वैज्ञानिक एवं स्वदेशी योगदान को किया गया याद
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विद्यार्थियों के लिए उद्बोधन, प्रस्तुतीकरण एवं निबंध प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
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खरगोन 03 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खरगोन में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के अंतर्गत प्राचार्य डॉ. जी.एस. चौहान के मार्गदर्शन में रसायन शास्त्र विभाग द्वारा महान भारतीय वैज्ञानिक, शिक्षाविद एवं स्वदेशी उद्योगों के प्रणेता आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की जयंती श्रसायन विज्ञान दिवसश् के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की वैज्ञानिक परंपरा, स्वदेशी चिंतन तथा आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के जीवन, व्यक्तित्व एवं वैज्ञानिक योगदान से परिचित कराना था।
         कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. कैलाश चौहान ने कहा कि आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय केवल एक महान रसायनशास्त्री ही नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्त, समाजसेवी और आदर्श शिक्षक भी थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन वैज्ञानिक अनुसंधान, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन तथा स्वदेशी उद्योगों के विकास के लिए समर्पित किया। उनका जीवन आज भी युवाओं को विज्ञान, राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देता है।
          डॉ. सुनैना चौहान ने आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के जीवन, पारिवारिक पृष्ठभूमि, शिक्षा एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से उनके आदर्शों एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाने का आह्वान किया।
        प्रो. सचिन यादव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के जीवन, शिक्षा, शोध कार्य तथा भारतीय रसायन विज्ञान के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नाइट्राइट यौगिकों पर महत्वपूर्ण अनुसंधान के कारण उन्हें ष्मास्टर ऑफ नाइट्राइट्सष् के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने स्वदेशी रासायनिक उद्योग की स्थापना तथा भारतीय वैज्ञानिक चेतना को सशक्त बनाने में उनके योगदान पर भी प्रकाश डाला।
         इस अवसर पर भारतीय विज्ञान एवं उद्योग में आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय का योगदान विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए।
         कार्यक्रम में रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. एस.आर. डावर, डॉ. यू.एस. बघेल, डॉ. योगेंद्र सिंह चौहान, प्रो. अशोक वास्कले, प्रो. स्वप्निल पाटिल सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

#JansamparkMP #khargone

पीजी कॉलेज खरगोन में मनाया गया रसायन विज्ञान दिवस ________________ आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के वैज्ञानिक एवं स्वदेशी योगदान को किया गया याद ________________ विद्यार्थियों के लिए उद्बोधन, प्रस्तुतीकरण एवं निबंध प्रतियोगिता का हुआ आयोजन ________________ खरगोन 03 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खरगोन में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के अंतर्गत प्राचार्य डॉ. जी.एस. चौहान के मार्गदर्शन में रसायन शास्त्र विभाग द्वारा महान भारतीय वैज्ञानिक, शिक्षाविद एवं स्वदेशी उद्योगों के प्रणेता आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की जयंती श्रसायन विज्ञान दिवसश् के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की वैज्ञानिक परंपरा, स्वदेशी चिंतन तथा आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के जीवन, व्यक्तित्व एवं वैज्ञानिक योगदान से परिचित कराना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. कैलाश चौहान ने कहा कि आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय केवल एक महान रसायनशास्त्री ही नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्त, समाजसेवी और आदर्श शिक्षक भी थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन वैज्ञानिक अनुसंधान, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन तथा स्वदेशी उद्योगों के विकास के लिए समर्पित किया। उनका जीवन आज भी युवाओं को विज्ञान, राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देता है। डॉ. सुनैना चौहान ने आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के जीवन, पारिवारिक पृष्ठभूमि, शिक्षा एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से उनके आदर्शों एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाने का आह्वान किया। प्रो. सचिन यादव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के जीवन, शिक्षा, शोध कार्य तथा भारतीय रसायन विज्ञान के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नाइट्राइट यौगिकों पर महत्वपूर्ण अनुसंधान के कारण उन्हें ष्मास्टर ऑफ नाइट्राइट्सष् के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने स्वदेशी रासायनिक उद्योग की स्थापना तथा भारतीय वैज्ञानिक चेतना को सशक्त बनाने में उनके योगदान पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर भारतीय विज्ञान एवं उद्योग में आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय का योगदान विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. एस.आर. डावर, डॉ. यू.एस. बघेल, डॉ. योगेंद्र सिंह चौहान, प्रो. अशोक वास्कले, प्रो. स्वप्निल पाटिल सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे। #JansamparkMP #khargone

Khargone (West Nimar), Madhya Pradesh | Aug 3, 2026

LIVE: पवित्र श्रावण मास के अवसर पर उज्जैन में आयोजित राजाधिराज श्री महाकालेश्वर भगवान की प्रथम सवारी का सजीव प्रसारण

LIVE: पवित्र श्रावण मास के अवसर पर उज्जैन में आयोजित राजाधिराज श्री महाकालेश्वर भगवान की प्रथम सवारी का सजीव प्रसारण

Khargone (West Nimar), Madhya Pradesh | Aug 3, 2026

जीडीसी खरगोन में मनाया गया राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस
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आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के वैज्ञानिक योगदान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पर हुआ व्याख्यान
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रसायन विज्ञान के महत्व और स्वदेशी वैज्ञानिक विरासत से छात्राओं को कराया गया परिचित
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खरगोन 03 अगस्त 2026। शासकीय कन्या महाविद्यालय, खरगोन में भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत सोमवार को आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की जयंती राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. आर.के. यादव की अध्यक्षता में किया गया।
          अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. आर. के. यादव ने कहा कि आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय महान रसायनशास्त्री, शिक्षाविद, उद्योगपति और राष्ट्रभक्त थे। उन्होंने आधुनिक भारत में वैज्ञानिक अनुसंधान एवं स्वदेशी उद्योगों को नई दिशा प्रदान की तथा वैज्ञानिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
        कार्यक्रम की मुख्य वक्ता सहायक प्राध्यापक रसायन शास्त्र सुश्री कविता बरडे ने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा में रसायन विज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नागार्जुन ने पारा पर शोध, वाग्भट्ट ने चिकित्सा विज्ञान तथा चरक ने धातु भस्म के माध्यम से रोगों के उपचार में उल्लेखनीय योगदान दिया। वहीं ऋषि कणाद ने परमाणु सिद्धांत प्रतिपादित कर भारतीय वैज्ञानिक चिंतन को नई दिशा दी। उन्होंने दैनिक जीवन में उर्वरक, दवाइयों, रंगों एवं सौंदर्य प्रसाधनों के निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में रसायन विज्ञान के महत्व से भी छात्राओं को अवगत कराया।
        कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सेवंती डावर ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा हजारों वर्षों से औषधीय पौधों एवं प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित रही है, जो आज भी वैज्ञानिक दृष्टि से प्रासंगिक है।
         कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन सहायक प्राध्यापक वनस्पति शास्त्र श्रीमती उमा मण्डलोई ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

#JansamparkMP #khargone

जीडीसी खरगोन में मनाया गया राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस ________________ आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के वैज्ञानिक योगदान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पर हुआ व्याख्यान ________________ रसायन विज्ञान के महत्व और स्वदेशी वैज्ञानिक विरासत से छात्राओं को कराया गया परिचित ________________ खरगोन 03 अगस्त 2026। शासकीय कन्या महाविद्यालय, खरगोन में भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत सोमवार को आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की जयंती राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. आर.के. यादव की अध्यक्षता में किया गया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. आर. के. यादव ने कहा कि आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय महान रसायनशास्त्री, शिक्षाविद, उद्योगपति और राष्ट्रभक्त थे। उन्होंने आधुनिक भारत में वैज्ञानिक अनुसंधान एवं स्वदेशी उद्योगों को नई दिशा प्रदान की तथा वैज्ञानिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता सहायक प्राध्यापक रसायन शास्त्र सुश्री कविता बरडे ने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा में रसायन विज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नागार्जुन ने पारा पर शोध, वाग्भट्ट ने चिकित्सा विज्ञान तथा चरक ने धातु भस्म के माध्यम से रोगों के उपचार में उल्लेखनीय योगदान दिया। वहीं ऋषि कणाद ने परमाणु सिद्धांत प्रतिपादित कर भारतीय वैज्ञानिक चिंतन को नई दिशा दी। उन्होंने दैनिक जीवन में उर्वरक, दवाइयों, रंगों एवं सौंदर्य प्रसाधनों के निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में रसायन विज्ञान के महत्व से भी छात्राओं को अवगत कराया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सेवंती डावर ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा हजारों वर्षों से औषधीय पौधों एवं प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित रही है, जो आज भी वैज्ञानिक दृष्टि से प्रासंगिक है। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन सहायक प्राध्यापक वनस्पति शास्त्र श्रीमती उमा मण्डलोई ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। #JansamparkMP #khargone

Khargone (West Nimar), Madhya Pradesh | Aug 3, 2026