धमतरी: धमतरी के एक मामले में हाईकोर्ट ने कहा, उधार का पैसा मांगना आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं, 7 साल की सजा रद्द की
किसी व्यक्ति को दी गई उधार की रकम वापस मांगना, बार-बार संपर्क करना या कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देना आत्महत्या के लिए उकसाने की श्रेणी में नहीं आता। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए 12 साल पुराने आत्महत्या मामले में दोषी ठहराए गए आरोपी की 7 साल की सजा रद्द कर दी। उसे सभी आरोपों से बरी कर दिया है।