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खिजरसराय: महकार के बिहटा गांव में बज्रपात से 10 वर्षीय बच्ची की मौत, चार घायल

Khizirsarai, Gaya | Jun 6, 2026
महकार थाना क्षेत्र के बिहटा गांव में वज्रपात की चपेट में आने से एक 10 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग झुलसकर घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका करीना कुमारी अपने ननिहाल बिहटा गांव आई हुई थी। शाम वह गांव के बाहर घूम रही थी, तभी अचानक हुए वज्रपात की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। करीना का पैतृक घर जहानाबाद जिले में बताय

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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, गया जी द्वारा आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण होने पर विशाल मशाल जुलूस का आयोजन

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), गया जी द्वारा देश के लोकतांत्रिक इतिहास के काले अध्याय माने जाने वाले आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण होने के विरोध में आज एक विशाल मशाल जुलूस का आयोजन किया गया। यह मशाल जुलूस गया स्थित ISKCON मंदिर के मुक्त द्वार से प्रारंभ होकर ए.पी.आर. चौक तक निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं एवं परिषद कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा लोकतंत्र की रक्षा हेतु संघर्ष करने वाले महान लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।

इस अवसर पर परिषद के जिला संयोजक विनायक कुमार ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। उस दौर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की स्वतंत्रता तथा नागरिक अधिकारों का व्यापक दमन किया गया था। हजारों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े लोगों को जेलों में बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता एवं संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है। आज की युवा पीढ़ी को आपातकाल के वास्तविक इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी सत्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं एवं नागरिक अधिकारों का हनन करने का साहस न कर सके।

वहीं परिषद के महानगर मंत्री आदित्य मिश्रा ने कहा कि आपातकाल केवल एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि यह भारत की लोकतांत्रिक चेतना पर किया गया एक गंभीर प्रहार था। उस समय विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों ने लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के लिए संघर्ष किया था। आज आवश्यकता है कि युवा वर्ग उन संघर्षों को याद रखे तथा राष्ट्रहित एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव सजग रहे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद का उद्देश्य केवल छात्रहितों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका सुनिश्चित करना भी है।

मशाल जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं राष्ट्रीय चेतना से जुड़े विभिन्न नारों के माध्यम से जनमानस को जागरूक किया। परिषद कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, राष्ट्रहित एवं छात्रहित के लिए निरंतर संघर्षरत रहेंगे तथा आपातकाल जैसे काले अध्याय को कभी भुलाने नहीं देंगे।

इस अवसर पर परिषद के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएँ एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा हेतु हुए ऐतिहासिक संघर्ष को स्मरण करना तथा युवा शक्ति को राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपने दायित्वों के प्रति जागृत करना था।

इस अवसर पर परिषद के एसडीएफ प्रांत संयोजक सूरज सिंह, प्रांत छात्रा प्रमुख प्रिया सिंह,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पवन मिश्रा, विभाग संयोजक मैक्स अवस्थी, जिला संयोजक विनायक सिंह, महानगर मंत्री आदित्य मिश्रा,विशाल दास, लक्ष्मीकांत शर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अंकित सागर, अनीस मिश्रा, हरीश सिंह, चंदन शर्मा, हर्ष मिश्रा, निखिल कुमार, नीरज सिंह, राजल , ऋषभ , सौरभ , पंकज , कमलाक्ष्य, राहुल , रिशु सिंह, मयंक शर्मा, शशिकांत सिंह, अभिषेक, वैष्णवी कुमारी, शिवानी सिंह, मानवी , रोशनी।कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, गया जी द्वारा आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण होने पर विशाल मशाल जुलूस का आयोजन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), गया जी द्वारा देश के लोकतांत्रिक इतिहास के काले अध्याय माने जाने वाले आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण होने के विरोध में आज एक विशाल मशाल जुलूस का आयोजन किया गया। यह मशाल जुलूस गया स्थित ISKCON मंदिर के मुक्त द्वार से प्रारंभ होकर ए.पी.आर. चौक तक निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं एवं परिषद कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा लोकतंत्र की रक्षा हेतु संघर्ष करने वाले महान लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। इस अवसर पर परिषद के जिला संयोजक विनायक कुमार ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। उस दौर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की स्वतंत्रता तथा नागरिक अधिकारों का व्यापक दमन किया गया था। हजारों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े लोगों को जेलों में बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता एवं संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है। आज की युवा पीढ़ी को आपातकाल के वास्तविक इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी सत्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं एवं नागरिक अधिकारों का हनन करने का साहस न कर सके। वहीं परिषद के महानगर मंत्री आदित्य मिश्रा ने कहा कि आपातकाल केवल एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि यह भारत की लोकतांत्रिक चेतना पर किया गया एक गंभीर प्रहार था। उस समय विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों ने लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के लिए संघर्ष किया था। आज आवश्यकता है कि युवा वर्ग उन संघर्षों को याद रखे तथा राष्ट्रहित एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव सजग रहे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद का उद्देश्य केवल छात्रहितों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका सुनिश्चित करना भी है। मशाल जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं राष्ट्रीय चेतना से जुड़े विभिन्न नारों के माध्यम से जनमानस को जागरूक किया। परिषद कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, राष्ट्रहित एवं छात्रहित के लिए निरंतर संघर्षरत रहेंगे तथा आपातकाल जैसे काले अध्याय को कभी भुलाने नहीं देंगे। इस अवसर पर परिषद के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएँ एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा हेतु हुए ऐतिहासिक संघर्ष को स्मरण करना तथा युवा शक्ति को राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपने दायित्वों के प्रति जागृत करना था। इस अवसर पर परिषद के एसडीएफ प्रांत संयोजक सूरज सिंह, प्रांत छात्रा प्रमुख प्रिया सिंह,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पवन मिश्रा, विभाग संयोजक मैक्स अवस्थी, जिला संयोजक विनायक सिंह, महानगर मंत्री आदित्य मिश्रा,विशाल दास, लक्ष्मीकांत शर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अंकित सागर, अनीस मिश्रा, हरीश सिंह, चंदन शर्मा, हर्ष मिश्रा, निखिल कुमार, नीरज सिंह, राजल , ऋषभ , सौरभ , पंकज , कमलाक्ष्य, राहुल , रिशु सिंह, मयंक शर्मा, शशिकांत सिंह, अभिषेक, वैष्णवी कुमारी, शिवानी सिंह, मानवी , रोशनी।कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

Khizirsarai, Gaya | Jun 25, 2026

आय से 104% अधिक संपत्ति मामले में अधीक्षण अभियंता के 6 ठिकानों पर EOU की रेड, 39 लाख के गहने और 90 लाख की जमा राशि मिली

पटना। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सह निदेशक पवन कुमार के पटना, भागलपुर, नोएडा और दिल्ली स्थित छह ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में उनकी ज्ञात आय से 103.94 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले हैं। तलाशी के दौरान करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति, लाखों रुपये के आभूषण, बैंक जमा और बीमा निवेश के दस्तावेज बरामद हुए हैं।

आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 12/26 के तहत दर्ज प्राथमिकी में भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सह निदेशक पवन कुमार पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। पवन कुमार वर्ष 1997 में सहायक अभियंता के पद पर नियुक्त हुए थे। जांच में उनकी ज्ञात आय की तुलना में 103.94 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के साक्ष्य मिलने के बाद EOU ने विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त कर कार्रवाई की।

बुधवार को पटना के कृष्णापुरी स्थित आवास, भागलपुर स्थित मकान, नोएडा सेक्टर-75 के फ्लैट सहित कुल छह ठिकानों पर छापेमारी की गई। तलाशी में अभियंता द्वारा सेवा काल के दौरान खरीदी गई 13 भूखंड, फ्लैट और मकानों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि पवन कुमार और उनके परिवार के नाम पर वर्ष 2021 से 2023 के बीच लगभग दो बीघा चार कट्ठा व्यावसायिक भूमि खरीदी गई है, जिसकी चारदीवारी भी कराई गई है। इसके अलावा नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फ्लैट खरीदने और बेचने से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं।

पटना स्थित आवास से 5.15 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। साथ ही आभूषण खरीद से जुड़े बड़ी संख्या में बिल और दस्तावेज मिले हैं। बरामद गहनों का मूल्यांकन करीब 39 लाख रुपये आंका गया है।

EOU को अभियंता और उनके परिजनों के नाम पर विभिन्न बैंकों में 18 खाते तथा पीपीएफ में करीब 90 लाख रुपये जमा होने की जानकारी मिली है। इन खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा एलआईसी, बजाज एलियांज, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और मैक्स लाइफ की कुल 14 बीमा पॉलिसियों के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिनमें सालाना लगभग तीन लाख रुपये प्रीमियम जमा किया जाता है।

जांच के दौरान एक होंडा सिटी कार, बच्चों की शिक्षा पर किए गए खर्च तथा परिवार के विदेश दौरों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। EOU का कहना है कि तलाशी और संपत्तियों के मूल्यांकन की कार्रवाई अभी जारी है तथा नोएडा और आसपास अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।

अधिकारीयों के अनुसार अब तक की जांच में आय से अधिक संपत्ति के मामले में और खुलासे होने की संभावना है। मामले की जानकारी भवन निर्माण विभाग को भी भेजी जा रही है ताकि विभागीय कार्रवाई की जा सके।

आय से 104% अधिक संपत्ति मामले में अधीक्षण अभियंता के 6 ठिकानों पर EOU की रेड, 39 लाख के गहने और 90 लाख की जमा राशि मिली पटना। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सह निदेशक पवन कुमार के पटना, भागलपुर, नोएडा और दिल्ली स्थित छह ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में उनकी ज्ञात आय से 103.94 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले हैं। तलाशी के दौरान करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति, लाखों रुपये के आभूषण, बैंक जमा और बीमा निवेश के दस्तावेज बरामद हुए हैं। आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 12/26 के तहत दर्ज प्राथमिकी में भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सह निदेशक पवन कुमार पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। पवन कुमार वर्ष 1997 में सहायक अभियंता के पद पर नियुक्त हुए थे। जांच में उनकी ज्ञात आय की तुलना में 103.94 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के साक्ष्य मिलने के बाद EOU ने विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त कर कार्रवाई की। बुधवार को पटना के कृष्णापुरी स्थित आवास, भागलपुर स्थित मकान, नोएडा सेक्टर-75 के फ्लैट सहित कुल छह ठिकानों पर छापेमारी की गई। तलाशी में अभियंता द्वारा सेवा काल के दौरान खरीदी गई 13 भूखंड, फ्लैट और मकानों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि पवन कुमार और उनके परिवार के नाम पर वर्ष 2021 से 2023 के बीच लगभग दो बीघा चार कट्ठा व्यावसायिक भूमि खरीदी गई है, जिसकी चारदीवारी भी कराई गई है। इसके अलावा नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फ्लैट खरीदने और बेचने से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। पटना स्थित आवास से 5.15 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। साथ ही आभूषण खरीद से जुड़े बड़ी संख्या में बिल और दस्तावेज मिले हैं। बरामद गहनों का मूल्यांकन करीब 39 लाख रुपये आंका गया है। EOU को अभियंता और उनके परिजनों के नाम पर विभिन्न बैंकों में 18 खाते तथा पीपीएफ में करीब 90 लाख रुपये जमा होने की जानकारी मिली है। इन खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा एलआईसी, बजाज एलियांज, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और मैक्स लाइफ की कुल 14 बीमा पॉलिसियों के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिनमें सालाना लगभग तीन लाख रुपये प्रीमियम जमा किया जाता है। जांच के दौरान एक होंडा सिटी कार, बच्चों की शिक्षा पर किए गए खर्च तथा परिवार के विदेश दौरों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। EOU का कहना है कि तलाशी और संपत्तियों के मूल्यांकन की कार्रवाई अभी जारी है तथा नोएडा और आसपास अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारीयों के अनुसार अब तक की जांच में आय से अधिक संपत्ति के मामले में और खुलासे होने की संभावना है। मामले की जानकारी भवन निर्माण विभाग को भी भेजी जा रही है ताकि विभागीय कार्रवाई की जा सके।

Khizirsarai, Gaya | Jun 24, 2026

खिजरसराय: महकार के बिहटा गांव में बज्रपात से 10 वर्षीय बच्ची की मौत, चार घायल - Khizirsarai News