रिश्वत मामले में 18 महीने बाद शिकायतकर्ता जुबेर अहमद गिरफ्तार, हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
फिरोजपुर झिरका एसडीएम कार्यालय से जुड़े चर्चित रिश्वत मामले में करीब 18 महीने बाद नया मोड़ सामने आया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) गुरुग्राम की टीम ने मामले के शिकायतकर्ता जुबेर अहमद को गिरफ्तार किया है। मामला 6 फरवरी 2025 का है। उस दिन नगीना खंड एवं विकास कार्यालय में कार्यरत ग्राम सचिव हसीन को एसीबी गुरुग्राम की टीम ने तीन लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोप के अनुसार, हसीन ने जांच को सरपंच के पक्ष में करवाने के लिए उच्च अधिकारियों से बातचीत करने की बात कही और इसके एवज में तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी। जांच एजेंसी के अनुसार, सरपंच रामपाल ने जांच अपने पक्ष में करवाने के लिए जुबेर अहमद के माध्यम से पैसे दिए थे और वही रकम ग्राम सचिव हसीन तक पहुंचाई गई थी। इसके बाद 15 सितंबर 2025 को स्टेनो प्रदीप ने अदालत में सरेंडर किया, जबकि 13 अक्टूबर 2025 को एसीबी की टीम ने सरपंच रामपाल को गिरफ्तार कर लिया।
सरपंच ने हाईकोर्ट में दी चुनौती
सरपंच रामपाल की ओर से अधिवक्ता तालीम हुसैन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कार्रवाई को चुनौती दी। अधिवक्ता के मुताबिक, सरपंच ने आरोप लगाया कि जांच को अपने पक्ष में करवाने के लिए जुबेर अहमद ने उनसे सात लाख रुपये की मांग की थी। जिसके बाद पैसे जुबेर को दे दिए गए। अधिवक्ता तालीम हुसैन के अनुसार, सरपंच लगातार जुबेर अहमद से अपने पैसे वापस मांग रहे थे। इसी बीच 6 फरवरी 2025 को जुबेर अहमद ने सरपंच को पैसे लौटाने के लिए अपने फार्म हाउस पर बुलाया। अधिवक्ता के मुताबिक, सरपंच रामपाल के साथ ग्राम सचिव हसीन भी वहां पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान जुबेर अहमद ने तीन लाख रुपये ग्राम सचिव हसीन को दिए और एसीबी की टीम ने हसीन को मौके पर गिरफ्तार कर लिया।
हाईकोर्ट के आदेश पर गठित हुई एसआईटी
मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। इसमें डीएसपी भारतेंद्र, इंस्पेक्टर रणवीर सिंह और इंस्पेक्टर जाकिर हुसैन को शामिल किया गया। जांच के दौरान स्टेनो प्रदीप, ग्राम सचिव हसीन, सरपंच रामपाल और शिकायतकर्ता जुबेर अहमद को जांच के दायरे में रखा गया।
बताया जा रहा है कि एसआईटी की जांच के दौरान जुबेर अहमद के बयानों और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर उसकी भूमिका भी जांच के घेरे में आई। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश के तहत एसीबी ने अब जुबेर अहमद को गिरफ्तार कर लिया है।
स्टेनो प्रदीप बोले—सच्चाई की जीत हुई
मामले में नाम सामने आने के बाद स्टेनो प्रदीप ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि उनका नाम बेवजह मामले में घसीटा गया और उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और सच्चाई की हमेशा जीत होती है।
बाइट एडवोकेट तालीम हुसैन
Palwal, Palwal | Aug 6, 2026