बलरामपुर: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर विभाजन में पाकिस्तान से आये दर्शन लाल गुलाटी ने बताया विभाजन के समय की दर्दनाक कहानी
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर विभाजन के समय पाकिस्तान से आए दर्शन लाल गुलाटी ने उसे समय की दर्दनाक कहानी बताते हुऐ रो पड़े। उन्होंने कहा कि उस समय मेरी उम्र 14 साल थी और अपनी हवेली जायदाद व्यापार छोड़कर आना पड़ा। काफी दिन तक उनके परिवार ने भूखे रहकर रात गुजारी है। उन्होंने कहा कि जो वहां पर जो मेरे पड़ोसी थे मारने पीटने पर उतारू थे जिससे हमें भागना पड़ा।