गरियाबंद में उफनते नाले की वजह से अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो गया। लेकिन चारपहिया वाहन को प्रसूति कक्ष बनाकर वहां नवजात की पहली किलकारी हुई। स्वास्थ्य कर्मी, मितानिन और ग्रामीणों की मदद से मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। सेवा और इंसानियत की मिसाल पेश हुई।