रहली: जैन धर्मशाला में धर्मसभा का आयोजन
Rehli, Sagar | Oct 21, 2026 प्रत्येक मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं होता है वह जैसे कर्म करता है वैसे ही फल को प्राप्त करता है पर जब वह परेशान होता है तो उसकी मनोदशा बिगड जाती है तब कभी बैद्य कभी एलोपैथिक चिकित्सा कभी होम्योपैथिक कभी आयुर्वेदिक एक्यूप्रेसर डा. के पास जाता है सब से भी काम ना बने तो कुंडली लेकर ज्योतिशियों के यहां पहुंच जाता है उससे भी काम नहीं बना तो भूतागति मिटाने