विशेष अभियान के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं को किया जा रहा जागरूक*
स्कूलों, महाविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में चल रहा जन-जागरूकता अभियान
राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा विभिन्न प्रकार के अपराधों की प्रभावी रोकथाम के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में संचालित विशेष अभियान के अंतर्गत धौलपुर जिले में भी व्यापक स्तर पर जागरूकता एवं अपराध निरोधात्मक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडीएफ) बाड़ी श्रवण कुमार झोरड़ के सुपरविजन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान छात्राओं एवं महिलाओं को उनकी सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं, साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, आत्मरक्षा के उपायों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं को किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, साइबर ठगी अथवा अन्य अपराध की स्थिति में बिना संकोच तत्काल पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों द्वारा छात्र-छात्राओं से संवाद स्थापित कर उन्हें नशे के दुष्परिणामों, बाल अपराधों की रोकथाम, यातायात नियमों के पालन तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें कानून के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया जा रहा है।पुलिस अधीक्षक श्री विकास सांगवान ने बताया कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में जन-जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विशेष रूप से महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों तथा पुलिस सहायता तंत्र की जानकारी देकर उन्हें आत्मविश्वासी एवं सशक्त बनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से जिले के प्रत्येक थाना क्षेत्र में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।धौलपुर पुलिस का यह अभियान आगामी दिनों में भी लगातार जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं, बालिकाओं एवं युवाओं तक सुरक्षा, कानून एवं अपराध से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाई जा सके तथा समाज में सुरक्षा, विश्वास और कानून के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।