इंसानियत अभी जिंदा है।
लक्सर। भले ही कितना ही जमाना क्यूं ना मतलबी हो गया हो। लेकिन आज भी जमाने में ऐसे किरदार मौजूद है जिनके ईमान और इंसानियत को सोना भी नहीं डिगा सकता। ऐसे ही कुरुक्षेत्र के बिजनेसमैन अभिषेक बंसल।जिनके कारोबार का पूरे वर्ष का टर्न ओवर उनके अनुसार नब्बे करोड़ का है। लेकिन उनके अंदर भी ईमान और इंसानियत जिंदा है। उन्होंने फोन पर हुई वार्ता में बताया वह
कुछ दिन पहले लक्सर में काम के सिलसिले में आए थे। जब वह ओवरब्रिज के पास से जा रहे थे।उनके अनुसार वहां पर सोने की पड़ी हुई कोई वस्तु मिली थी। वह उन्होंने उठा ली और आसपास दुकानदारों से पता किया कि कोई पहचान बनाकर वस्तु अपनी सिद्ध कर दे तो वह दे देंगे। लेकिन कोई पहचान नहीं बता पाया। वह अपने घर लौट चुके थे। लेकिन उनके मन में बार-बार यही ख्याल आ रहा था कि आखिरकार जो वस्तु उन्हें मिली है उसको कैसे उस मलिक तक पहुंचाऊं। उन्होंने अपने पिता जी से इस संदर्भ में बात की। उन्होंने भी कहा कि वह उसको लौटा दे। वह बताते हैं कि इस बारे में सोचकर नीद भी कम आ रही है। उनका कहना है कि वह भी बहुत मध्यवर्गीय परिवार से थे। लेकिन उन्होंने कड़ी मेहनत के बल पर पैसा और यश अर्चित किया है। वह चाहते हैं कि जो उन्हें वस्तु मिली है वह उसके असली मालिक तक पहुंच जाए। उन्होंने बताया कोई व्यक्ति वस्तु को अपनी सिद्ध कर दे तो वह लक्सर आकर खुद उसे सौंप देंगे ।उनका कहना है कि ईमानदारी और इंसानियत सबसे बड़ी दौलत है।
Laksar, Haridwar | Jul 4, 2026