हत्याहरण तीर्थ के निरीक्षण में सामने आईं अव्यवस्थाएं, बैठक स्थल पर नहीं पहुंचे अधिकारी
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#हरदोई: हत्याहरण तीर्थ स्थल की साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कराने को लेकर उप जिलाधिकारी सण्डीला नारायणी भाटिया ने गुरुवार को तीर्थ परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान तहसील, विकास, विद्युत और पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारियों के साथ उन्होंने तीर्थ क्षेत्र की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। हालांकि, तीर्थ विकास परिषद की ओर से संतों और अधिकारियों के बीच प्रस्तावित बैठक स्थल पर संबंधित अधिकारियों के नहीं पहुंचने से संतों में नाराजगी दिखाई दी।
दरअसल, उप जिलाधिकारी कार्यालय सण्डीला की ओर से 18 अगस्त को जारी पत्र में क्षेत्राधिकारी हरियावां, खंड विकास अधिकारी कोथावां, सीएचसी अधीक्षक कोथावां, प्रभारी निरीक्षक बेनीगंज, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत बेनीगंज समेत राजस्व विभाग के अधिकारियों को हत्याहरण तीर्थ की व्यवस्थाओं को लेकर बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए गए थे। पत्र में तीर्थ विकास परिषद द्वारा बताई गई समस्याओं के समाधान पर चर्चा प्रस्तावित थी।
गुरुवार को दोपहर करीब तीन बजे उप जिलाधिकारी नारायणी भाटिया हत्याहरण तीर्थ परिसर पहुंचीं। उन्होंने सरोवर, परिसर, आसपास के क्षेत्र और आने-जाने वाले मार्गों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की स्थिति देखी। पत्र में तीर्थ परिसर और सरोवर के आसपास गंदगी, नियमित सफाई कर्मियों की व्यवस्था न होने, सरोवर के जल के नियमित शोधन का अभाव, खराब पड़े हैंडपंप और पर्याप्त पेयजल व्यवस्था न होने जैसी समस्याएं उठाई गई थीं।
इसके अलावा पर्व और मेलों के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल, तीर्थ क्षेत्र तथा एप्रोच रोड पर हाईमास्ट व स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था और महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। परिषद ने तीर्थ परिसर में स्थायी सफाई व्यवस्था, नियमित जलशोधन तथा श्रद्धालुओं के लिए आरओ और वाटर कूलर लगाए जाने की मांग की है।
तीर्थ विकास परिषद की ओर से संतों के साथ अधिकारियों की बैठक के लिए स्थायी व्यवस्था की गई थी। परिषद से जुड़े लोगों और संतों को उम्मीद थी कि निरीक्षण के बाद बैठक में कई दशक से चली आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा होगी और उनके समाधान की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। लेकिन परिषद के लोगों के मुताबिक बैठक में संबंधित अधिकारी नहीं पहुंचे। इससे संतों में नाराजगी देखने को मिली।
महंत संतोष दास खाकी ने फोन वार्ता में कहा कि अधिकारियों को बैठक में शामिल होकर संतों की समस्याओं को सुनना और समझना चाहिए था। आने वाले समय में यहां रविवार का मेला भी आयोजित होना है। ऐसे में तीर्थ स्थल की व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त किया जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि हत्याहरण तीर्थ के विकास को लेकर परिषद जल्द ही आगे की रणनीति तय करेगी। जाइसका उद्देश्य तीर्थ स्थल का समुचित विकास कराने के साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और तीर्थ से जुड़े पुरोहितों की आय में वृद्धि के अवसर पैदा करना है।
अब देखना यह है कि निरीक्षण और शासन-प्रशासन स्तर पर दिए जा रहे निर्देशों के बाद हत्याहरण तीर्थ की साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा जैसी वर्षों पुरानी समस्याओं का धरातल पर कितना समाधान हो पाता है।
#रिपोर्ट: पुनीत मिश्रा/बेनीगंज
Hardoi, Hardoi | Aug 22, 2026