लखनिया दरी–सिद्धनाथ की दरी फिर गुलज़ार, लेकिन सुविधाओं के बिना कैसे बढ़ेगा पर्यटन?
नए ठेके के बाद दोनों प्राकृतिक पर्यटन स्थल खुले, पर्यटकों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं पर उठे सवाल
मिर्जापुर। जिले के पर्यटन प्रेमियों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से बंद पड़े मिर्जापुर के दो प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थल लखनिया दरी और सिद्धनाथ की दरी नए ठेके के तहत दोबारा पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। इससे एक बार फिर इन स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो गई है और स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, पर्यटन स्थल शुरू होने के बावजूद यहां पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ी कई बुनियादी व्यवस्थाएं अभी भी अधूरी दिखाई दे रही हैं। पर्यटकों का कहना है कि प्रवेश शुल्क लेने के साथ-साथ स्वच्छ शौचालय, कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम, मजबूत सुरक्षा रेलिंग, नियमित साफ-सफाई, पर्याप्त पार्किंग, पेयजल, प्रशिक्षित लाइफगार्ड, प्राथमिक उपचार केंद्र और स्पष्ट चेतावनी बोर्ड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। तभी पर्यटकों को लगेगा कि उनसे लिया जा रहा शुल्क उचित व्यवस्थाओं पर खर्च हो रहा है।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि किसी हादसे के बाद पर्यटन स्थल को बंद कर देना समाधान नहीं है। जरूरत इस बात की है कि सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जाए, ताकि दूर-दराज़ से आने वाले पर्यटक बिना किसी डर के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकें और मिर्जापुर की सकारात्मक छवि लेकर वापस लौटें। बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित माहौल जिले के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।
पर्यटकों के लिए सलाह: यदि आप लखनिया दरी या सिद्धनाथ की दरी में स्नान करने जा रहे हैं, तो पूरी सावधानी बरतें। यदि आपको तैरना नहीं