कान्हा राष्ट्रीय उद्यान से लगे हुए ग्राम में रहने वाले ग्रामीण छन्नू परस्ते ने एक सप्ताह पूर्व बाघ से अचानक हुए आमने-सामने के संघर्ष में साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए अपना जीवन बचाया। उल्लेखनीय है कि इस दौरान बाघ को किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचाई गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार छन्नू परस्ते जंगल में दातुन लेने गए थे। रविवार को दो बजे सम्मान किया गया।