नर्सिंग के छात्र-छात्राएँ अपनी लंबित परीक्षाओं, परीक्षा परिणाम, छात्रवृत्ति और लगातार बिगड़ते शैक्षणिक सत्र को लेकर धरने पर बैठे हैं। आज जागृत आदिवासी दलित संगठन के महिला-पुरुषों ने छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया।
छात्रों की समस्याएँ सुनने के लिए डिप्टी कलेक्टर और SDM मौके पर पहुंचे। कॉलेजों के संचालकों को भी बुलाया गया और छात्रों की समस्याओं पर चर्चा हुई।
प्रशासन ने आश्वासन दिया कि छात्रों की मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा और 2 सितंबर की आगामी सुनवाई में सरकार छात्रों का पक्ष मजबूती से रखेगी। प्रशासन की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया कि छात्रों को उनकी लंबित परीक्षाओं में बैठने दिया जाएगा।
मांग साफ है—लंबित परीक्षाएँ तुरंत कराई जाएँ, परिणाम समय पर जारी हों, शैक्षणिक सत्र नियमित किया जाए और जिन स्तरों पर लापरवाही हुई है उनकी जवाबदेही तय हो। प्रशासन के आश्वासन के बावजूद परीक्षा का आयोजन सुनिश्चित होने तक धरना जारी र�