आज कैमरा नहीं, खेत ने बुलाया... 🌾❤️
हर दिन IHQ PUBLIC INDIA के माध्यम से आप तक ज़मीनी खबरें पहुंचाते हैं, लेकिन आज खुद ज़मीन पर किसान बनकर धान रोपाई में हाथ बंटाया।
दोपहर में खेत की मेड़ पर बैठकर भात, उचुवा, आम का अचार, करेला, बाँस करील और आलू भुजिया के साथ जो सादा भोजन किया, उसका स्वाद किसी पाँच सितारा होटल से कम नहीं लगा। मिट्टी की खुशबू, पसीने की कमाई और अपनों के साथ खेत में बैठकर खाना खाने का जो आनंद है, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
इसी वजह से आज IHQ PUBLIC INDIA की ग्राउंड रिपोर्टिंग नहीं हो सकी, क्योंकि आज पूरा दिन खेत और किसानों के साथ बीता। आज फिर महसूस हुआ कि किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, बल्कि इस देश की असली ताकत हैं।
एक दिन खेत में बिताइए, तब समझ आएगा कि एक-एक निवाला हमारी थाली तक पहुँचने में कितनी मेहनत लगती है।
🌾 जय जवान, जय किसान।
अगर आप भी किसान परिवार से हैं, तो कमेंट में ज़रूर लिखिए — "मुझे अपने किसान होने पर गर्व है।" ❤️🙏