4 जनवरी 2026 भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने बताया कि बिहार में अब किसी भी व्यक्ति द्वारा सरकारी जमीन पर मालिकाना हक का दावा करने के लिए ठोस और वैध स्वामित्व प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार ने उन प्रथाओं पर कड़ा रुख अपनाया है जहाँ एक ही जमीन पर कैडस्ट्रल सर्वे और रिविजनल सर्वे के दो-दो अधिकार दर्ज कर अभिलेखों के खेल से अवैध