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प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सजग रहकर कार्य करें-जिला कलक्टर धौलपुर, 11 जून। आगामी वर्षा ऋतु के दौरान अतिवृष्टि एवं संभावित बाढ़ की रोकथाम के लिए पूर्व में ही समस्त व्यवस्थाएं पूर्ण करने के लिए आपदा प्रबन्धन समिति की बैठक जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी की अध्यक्षता में डीओआईटी के वीसी कक्ष में वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। जिला कलक्टर ने आपदा प्रबन्धन एवं वर्षा ऋतु के दौरान अतिवृष्टि एवं संभावित बाढ़ के दौरान बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों से आपदा आने पर रोकथाम व बचाव के बारे में विभागवार जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे व्यक्तिगत रुचि लेते हुए आपदा से सम्बन्धित की गई तैयारियों का जायजा लेकर कार्य करें। बैठक में उन्होंने कहा कि आपदा प्रबन्धन से सम्बन्धित विभाग नियंत्रण कक्ष स्थापित करें। आगामी मानसून के मध्यनजर अतिवृष्टि, बाढ़ से बचाव की आवश्यक तैयारियों के संबध में निर्देश दिये कि जिला जिला स्तरीय अधिकारी अनुमति लेकर ही मुख्यालय छोड़े। स्टाफ को भी अनावश्यक छुट्टिया न दें। आपसी समन्वय रखकर कार्य करें। बाढ़ से प्रभावित होने वाले सम्भावित गांव ढांणियों की सूचना एकत्रित कर जिला मुख्यालय को भिजवायें। तहसीलदार, उपखण्ड अधिकारी सम्भावित क्षेत्रों का दौरा करलें जिससे राहत कार्यों में आसानी रहे। आवश्यक दूरभाष नम्बर तथा राहत कार्यों से संबधित कार्मिकों के नाम पते उपलब्ध रहे। जिले में वर्षा नहीं होने के बावजूद भी चम्बल नदी के ऊपरी क्षेत्रों में अधिक वर्षा के फलस्वरूप बाढ़ के हालात बन जाते हैं जिससे निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखें। प्रभावित लोगों को ठहराने, भोजन, दवाईयां, उपचार आदि का प्रबंध रखें। गोताखोर, टॉर्च, रस्सी, पानी निकालने के लिए पम्पसैट, डीजल, पैट्रोल, रसोईगैस, कैरोसीन आदि का पर्याप्त रिर्जव स्टॉक रखवाने की व्यवस्था के निर्देश दिये। इस दौरान लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए व्यवस्था करने, जल स्त्रोतो की सारसभाल एवं सुरक्षा के इन्तजाम करने तथा विद्युत की लाईनों की मरम्मत आदि की पुख्ता व्यवस्था के साथ ही समय पर विद्युत की आपूर्ति व आवश्यकता पड़ने पर विद्युत आपूर्ति रोकने के निर्देश दिये। नगर परिषद एवं नगर पालिकाओं में नालों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। पशुओं के उपचार, चारे की व्यवस्था एवं मृत पशुओं के शवों का निस्तारण करने के सम्बन्ध में भी निर्देश दिए। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को 24 घण्टे सातों दिवस नियंत्रण कक्ष संचालित करने, पर्याप्त दवाइयों एवं जीवनरक्षक औषधियों का भंडारण रखने तथा मोबाइल मेडिकल टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जलजनित एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी रखने को कहा गया। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को सुरक्षित पेयजल आपूर्ति, क्लोरीनेशन तथा क्षतिग्रस्त जलापूर्ति लाइनों की त्वरित मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ऊर्जा विभाग को विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनाए रखने, क्षतिग्रस्त लाइनों एवं ट्रांसफार्मरों की त्वरित मरम्मत तथा राहत शिविरों में निर्बाध विद्युत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग को जर्जर भवनों की पहचान करने, रेलवे अंडरपास एवं संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में चेतावनी संकेतक लगाने तथा क्षतिग्रस्त सार्वजनिक परिसंपत्तियों के त्वरित पुनर्स्थापन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। सभी विभागों को अपने क्षेत्राधिकार में जर्जर भवनों एवं जोखिम वाले स्थलों का सर्वेक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए चारा, दवाइयों एवं टीकाकरण की पर्याप्त व्यवस्था रखने तथा पशुपालकों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों के लिए आवश्यक खाद्यान्न एवं अन्य जरूरी वस्तुओं का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधीक्षण अभियन्ता सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देश देते हुए जिले के सम्भावित बाढ़ प्रभावित नदी एवं नालों एवं सड़कों के दोनो ओंर लोहे के पिलर लगाकर चैन लगाने की व्यवस्था की जाये ताकि आपदा के समय यातायात रोका जा सके। इसके अतिरिक्त रपट वाले स्थानों पर नदी एवं नालों के दोनो ओंर भी चेतावनी बोर्ड लगाये जाना सुनिश्चित करें तथा सड़क मार्ग से गुजरने वाले नदी नाले रपट आदि पर होकर वर्षा का पानी बह रहा हो तो चिन्हित कर दोनों और साइन बोर्ड लगाकर यातायात प्रतिबंधित किया जावे। सभी उपखण्ड अधिकारी बाढ़ एवं अतिवृष्टि से निपटने के लिए पूर्व तैयारी के सम्बंध में अपने स्तर पर बैठक आयोजित करें एवं पंचायतों में सिंचाई विभाग से प्राप्त खाली कट्टो में मिट्टी भरकर ऐसे स्थानों पर रखवायें जहॉं बाढ़ का पानी भरने की सम्भावना हो। उन्होने कहा कि सभी सम्बंधित विभाग अपने-अपने विभाग का बाढ़ नियन्त्रण कक्ष स्थापित कर नोडल अधिकारी की नियुक्ति के साथ उनके नाम, पदनाम, दूरभाष नम्बर भिजवाना सुनिश्चित करेंगे। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद ए एन सोमनाथ, अतिरिक्त जिला कलक्टर हरिराम मीना सहित सम्बंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Dhaulpur, Dholpur | Jun 11, 2026

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Dhaulpur, Dholpur | Jul 11, 2026

वर्षा काल में विद्यार्थियों की सुरक्षा का प्राथमिकता से रखें ध्यान-जिला कलक्टर
जिला निष्पादन समिति की बैठक सम्पन्न, जर्जर विद्यालय भवनों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
धौलपुर, 11 जुलाई। जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा विभाग की जिला निष्पादन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं, विद्यालयों के विकास कार्यों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल शिक्षण, छात्र सुरक्षा तथा समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग की प्रत्येक योजना का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके।
बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जिले में संचालित सभी राजकीय विद्यालयों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए तथा जिन विद्यालय भवनों की स्थिति जर्जर एवं असुरक्षित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर नियमानुसार शीघ्र जमीदोज करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों की जान-माल से जुड़ा जोखिम स्वीकार्य नहीं होगा। जर्जर भवनों में संचालित कक्षाओं को तत्काल वैकल्पिक भवनों में स्थानांतरित कर शिक्षण कार्य निर्बाध रूप से जारी रखा जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में भवनों की वृहद मरम्मत की आवश्यकता है, उनके प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर सक्षम स्तर पर भिजवाए जाएं, ताकि समय पर स्वीकृति प्राप्त कर आवश्यक कार्य प्रारम्भ किए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा गुणवत्ता के साथ समय सीमा में कार्य पूर्ण कराए जाएं।
बैठक में जिला कलक्टर ने अधीक्षण अभियंता, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को निर्देशित किया कि जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) मौठियापुरा, मरैना एवं हांसई में थ्री-फेज विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने हेतु डिमांड नोटिस शीघ्र जारी किया जाए, जिससे इन विद्यालयों में विद्युत संबंधी आवश्यक सुविधाओं का विस्तार हो सके तथा छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने विद्यालय भवनों एवं खेल मैदानों के लिए भूमि आवंटन संबंधी प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी प्रस्ताव नियमानुसार उचित माध्यम (प्रॉपर चैनल) से ही भेजे जाएं, ताकि भूमि आवंटन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में पर्याप्त भूमि एवं खेल सुविधाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं।
बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयक महेश कुमार मंगल ने विभागीय योजनाओं की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि जिले के पीएम श्री विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न नवाचारों एवं गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में निर्धारित सभी गतिविधियों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं तथा शिक्षण गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
मंगल ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच, खेल गतिविधियों एवं तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
बैठक में अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा जितेन्द्र सिंह जादौन ने बताया कि जिन पीएम श्री एवं महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में बाल वाटिका संचालित है, वहां स्थित आंगनबाड़ी केन्द्रों को अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किए जाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग से अनुरोध किया गया है, जिससे प्रारंभिक बाल शिक्षा के लिए पर्याप्त एवं व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने आईसीटी एवं स्मार्ट क्लास के प्रभावी उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा वर्तमान समय की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आईसीटी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण के अनुपयोगी लैब उपकरणों की नियमानुसार नीलामी की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को दिए, ताकि आवश्यकतानुसार नवीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में समग्र शिक्षा अभियान, विद्यालय विकास, आधारभूत सुविधाओं, छात्र हित से जुड़े विभिन्न विषयों तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक योजना का नियमित अनुश्रवण किया जाए तथा शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए पूर्ण जिम्मेदारी एवं पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों की सुरक्षा तथा विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक में शिक्षा विभाग के समस्त जिला स्तरीय अधिकारी, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा के अधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

वर्षा काल में विद्यार्थियों की सुरक्षा का प्राथमिकता से रखें ध्यान-जिला कलक्टर जिला निष्पादन समिति की बैठक सम्पन्न, जर्जर विद्यालय भवनों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश धौलपुर, 11 जुलाई। जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा विभाग की जिला निष्पादन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं, विद्यालयों के विकास कार्यों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल शिक्षण, छात्र सुरक्षा तथा समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग की प्रत्येक योजना का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके। बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जिले में संचालित सभी राजकीय विद्यालयों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए तथा जिन विद्यालय भवनों की स्थिति जर्जर एवं असुरक्षित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर नियमानुसार शीघ्र जमीदोज करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों की जान-माल से जुड़ा जोखिम स्वीकार्य नहीं होगा। जर्जर भवनों में संचालित कक्षाओं को तत्काल वैकल्पिक भवनों में स्थानांतरित कर शिक्षण कार्य निर्बाध रूप से जारी रखा जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में भवनों की वृहद मरम्मत की आवश्यकता है, उनके प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर सक्षम स्तर पर भिजवाए जाएं, ताकि समय पर स्वीकृति प्राप्त कर आवश्यक कार्य प्रारम्भ किए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा गुणवत्ता के साथ समय सीमा में कार्य पूर्ण कराए जाएं। बैठक में जिला कलक्टर ने अधीक्षण अभियंता, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को निर्देशित किया कि जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) मौठियापुरा, मरैना एवं हांसई में थ्री-फेज विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने हेतु डिमांड नोटिस शीघ्र जारी किया जाए, जिससे इन विद्यालयों में विद्युत संबंधी आवश्यक सुविधाओं का विस्तार हो सके तथा छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने विद्यालय भवनों एवं खेल मैदानों के लिए भूमि आवंटन संबंधी प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी प्रस्ताव नियमानुसार उचित माध्यम (प्रॉपर चैनल) से ही भेजे जाएं, ताकि भूमि आवंटन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में पर्याप्त भूमि एवं खेल सुविधाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं। बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयक महेश कुमार मंगल ने विभागीय योजनाओं की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि जिले के पीएम श्री विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न नवाचारों एवं गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में निर्धारित सभी गतिविधियों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं तथा शिक्षण गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। मंगल ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच, खेल गतिविधियों एवं तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। बैठक में अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा जितेन्द्र सिंह जादौन ने बताया कि जिन पीएम श्री एवं महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में बाल वाटिका संचालित है, वहां स्थित आंगनबाड़ी केन्द्रों को अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किए जाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग से अनुरोध किया गया है, जिससे प्रारंभिक बाल शिक्षा के लिए पर्याप्त एवं व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने आईसीटी एवं स्मार्ट क्लास के प्रभावी उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा वर्तमान समय की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आईसीटी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण के अनुपयोगी लैब उपकरणों की नियमानुसार नीलामी की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को दिए, ताकि आवश्यकतानुसार नवीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। बैठक में समग्र शिक्षा अभियान, विद्यालय विकास, आधारभूत सुविधाओं, छात्र हित से जुड़े विभिन्न विषयों तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक योजना का नियमित अनुश्रवण किया जाए तथा शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए पूर्ण जिम्मेदारी एवं पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों की सुरक्षा तथा विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बैठक में शिक्षा विभाग के समस्त जिला स्तरीय अधिकारी, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा के अधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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