भरतपुर आरटीओ की टीम ने एक मरीज को उसकी गाड़ी से उतारकर गाड़ी को जब्त कर लिया। मरीज दर्ज की वजह से आरटीओ कार्यालय में कराहता रहा। इस दौरान मरीज के परिजनों ने उसे वहीं पर दवा दी। करीब डेढ़ घंटे के बाद आरटीओ विभाग को मरीज का होश आया और उन्होंने एम्बुलेंस से मरीज को घर भेजा।