गाज़ीपुर नगर सहित ग्रामीण इलाकों में रमज़ान की 21वीं तारीख़ पर हज़रत अली की शहादत की याद में ग़म और अकीदत का माहौल रहा। शिया समुदाय की ओर से जगह-जगह मजलिस, मातम और जुलूस-ए-ताबूत निकाले गए, जिनमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। माह-ए-रमज़ान की 21वीं तारीख़ को गाज़ीपुर शहर और आसपास के गांवों में हज़रत अली की शहादत पर मजलिस और मातम का सिलसिला जारी रहा।