भगवान श्री राम की तपोस्थली चित्रकूट में विजयदशमी के अवसर पर 165 वर्ष पुरानी रामलीला में रावण वध की लीला का आयोजन किया गया जिसमें असत्य के प्रतीक रावण का भगवान श्री राम ने तीर मार कर उनका वध कर दिया जिसके बाद रावण रूपी 71 फुट लम्बे पुतले का भगवान श्रीराम ने तीर मारकर दहन किया है जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धांलुओं की भीड़ मौजूद रही। यह कार्यक्रम शहर के धुस मैदान परिसर में आयोजित किया गया जहां 165 वर्ष से लगातार चली आ रही रामलीला का मंचन किया गया जिसमे आज रावण वध की लीला का आयोजन किया गया जो भगवान श्री राम ने रावण का वध कर असत्य पर सत्य के विजय का संदेश दिया। रावण दहन के बाद लोगों ने आतिशबाजी कर एक दूसरे को गले लगाकर विजयदशमी की बधाई दी है जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया है कि यह रामलीला नगर पालिका द्वारा आयोजित की जा रही है जो आज विजय दशमी पर रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जो आज मै विजय दशमी के त्यौहार पर यह सन्देश देना चाहूंगा की जो अच्छाई की जीत है वह हमेशा होंगी इसी तरह सभी लोग जो अच्छाई का दीप है वह अपने अंदर प्रजवलित रखे। वही नगर पालिका के चेयरमैन नंरेन्द्र गुप्ता का कहना है कि यह रामलीला लगभग 165 वर्ष से चली आ रही है जो वर्तमान में नगर पालिका और नगर के नागरिकों के सहयोग से कराई जा रही है जो असत्य और बुराई के प्रतीक 71 फुट लम्बे रावण के पुतले का दहन किया गया है और जो यहाँ कि जो परंपरा रही है कि विजय दशमी पर एक दूसरे को गले लगकर पहले मिठाई खिलाई जाती है और फिर बाद में पान इसी परंपरा को आज निभाया गया है इसमें मौके पर मैं सभी को विजयदशमी के पर्व की शुभकामनाएं देता हूं।
बाइट -- पुलकित गर्ग (जिलाधिकारी )
बाइट -- नरेन्द्र गुप्ता (चेयरमैन कर्वी )