निजी अस्पतालों की दवा दुकान या खुली लूट?
₹1300 की दवा का सिर्फ प्रिंट/लेबल बदलकर ₹5100 में बेची जा रही है
आजकल सबसे बड़ी लूट मेडिकल स्टोर्स पर हो रही है। मरीजों को जेनरिक और पेटेंट/ब्रांडेड दवा के नाम पर भ्रमित कर मनमानी कीमत वसूली जा रही है।
बीमार इंसान के पास बहस करने का समय नहीं होता, और इसी मजबूरी का फायदा उठाया जाता है।
अगर यह सच है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इलाज सेवा है, कमाई का असीमित जरिया नहीं।
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Bihar, India | Jul 15, 2026