#भरतपुर। जिले में 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ 5 युवकों द्वारा कट्टे की नोक पर अपहरण कर गैंगरेप करने और फिर वारदात के दौरान ही आरोपियों के बीच हुए झगड़े में एक आरोपी की मौत का खौफनाक मामला सामने आया है। हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस ने गैंगरेप के फरार आरोपियों को पकड़ने के बजाय मृत युवक के परिजनों की शिकायत पर पीड़िता के ममेरे भाइयों को ही हत्या के आरोप में सलाखों के पीछे डाल दिया है। इस कार्रवाई से डरी-सहमी पीड़िता अब स्कूल जाने से भी कतरा रही है और आरोपी पक्ष लगातार पीड़ित परिवार को धमकियां दे रहा है। घटना बीते जून महीने की है, जब पीड़िता अपनी नानी के घर गई हुई थी। देर रात करीब 3 बजे गांव के ही दो सशस्त्र बदमाश घर में घुसे और नानी को जान से मारने की धमकी देकर किशोरी का कट्टे की नोक पर अपहरण कर खेत में ले गए। वहां पहले से मौजूद तीन अन्य युवकों के साथ मिलकर पांचों ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसी दौरान किसी बात को लेकर आरोपियों के बीच आपस में ही खूनी संघर्ष छिड़ गया, जिसमें चार युवकों ने मिलकर अपने ही एक साथी की बेरहमी से पिटाई कर दी। मौका पाकर पीड़िता वहां से भागकर अपने घर पहुंची और आपबीती बताई। उधर, गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से मामले दर्ज कराए गए—पीड़िता के परिवार ने सामूहिक दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराई, तो वहीं मृतक के परिजनों ने पीड़िता के परिवार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवा दिया। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने सांठगांठ करते हुए निर्दोष ममेरे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि गैंगरेप के असली दरिंदे बेखौफ घूम रहे हैं।