किसान संगठनों ने बनाया "देश बचाओ मोर्चा", 6 मेंबर्स कमेटी आंदोलन को लीड करेगी।
किसान पंचायत में 112 किसान संगठनों ने देश बचाओ मोर्चा का गठन किया है, जिसके बैनर तले सभी किसान संगठन विरोध प्रदर्शन करेंगे. अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में आंदोलन का नेतृत्व 6 सदस्यीय कमेटी करेगी.
अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में 112 से ज्यादा #किसान #संगठनों की बैठक चंडीगढ़ के किसान भवन में हुई. किसान पंचायत में 112 किसान संगठनों ने देश बचाओ मोर्चा का गठन किया है, जिसके बैनर तले सभी किसान संगठन विरोध प्रदर्शन करेंगे. देश बचाओ मोर्चा के बैनर तले 21 जुलाई को किसान घाट पर बड़ी किसान महा पंचायत होगी. वहां पर महात्मा गांधी की समाधि पर जाकर केंद्र सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना करेंगे. वहीं, प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी भेजी गई है, जिसमें ट्रेड डील से किसान और कृषि को होने वाले नुकसान के बारे में अवगत कराया गया है और डील को तुरंत रद्द करने की मांग की गई है.
देशभर के #किसान #संगठनों ने देश बचाओ मोर्चा बनाया
भारतीय किसान यूनियन चढूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरुनाम सिंह चढूनी के आह्वान पर देशभर के 112 से ज्यादा किसान संगठनों के नेताओं ने चंडीगढ़ के किसान भवन में बैठक में शामिल हुए. बैठक में किसानों नेताओं ने संयुक्त संघर्ष का ऐलान करते हुए आगे की लड़ाई के लिए देश बचाओ मोर्चा का गठन किया है. देश बचाओ मोर्चा के बैनर तले सभी किसान संगठन एकजुट होकर आंदोलन का हिस्सा बनेंगे.
6 सदस्यीय कमेटी #किसान #आंदोलन को लीड करेगी
गुरुनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में 6 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, जो आंदोलन का नेतृत्व करेंगे. कमेटी राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह, किसान मजदूर मोर्चा के मुखिया सरवन सिंह पंढेर, प्रकाश पोहरे समेत अन्य लोगों को शामिल किया है. इस कमेटी के नेतृत्व में और देश बचाओ मोर्चा के बैनर तले अमेरिकी ट्रेड डील के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे. गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि देश बचाओ मोर्चा के अंदर किसान, मजदूर और समाजसेवी संगठनों को शामिल किया गया है. देशभर के 112 से ज्यादा संगठनों ने देश बचाओ मोर्चा का समर्थन किया है.
21 जुलाई को #दिल्ली के #किसान घाट पर पहली महापंचायत होगी
किसान नेता सरदार वीएम सिंह ने कहा कि देश बचाओ मोर्चा के बैनर तले 21 जुलाई को दिल्ली में किसान घाट पर बड़ी किसान महा पंचायत होगी. वहां पर महात्मा गांधी की समाधि पर जाकर केंद्र सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना करेंगे. वहीं, हर जिले से प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी भेजी जाने पर सहमति बनी है, जिसमें ट्रेड डील से किसान और कृषि को होने वाले नुकसान के बारे में सरकार को अवगत कराया जाएगा और डील को तुरंत रद्द करने की मांग की जाएगी.
सरकार नहीं मानी तो देशव्यापी आंदोलन होगा
सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि देश बचाओ मोर्चा के बैनर तले सभी किसान संगठनों ने आगे की लड़ाई के लिए सहमति दी है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी डील किसानों के लिए डेथ वारंट है. मोदी सरकार की ओर से की जा रही US-INDIA डील के खिलाफ आंदोलन करने के लिए रणनीति और मंथन किया गया है. किसान नेताओं ने स्पष्ट कहा कि देश की कृषि, पशुपालन, खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. यदि सरकार किसानों और मजदूरों को नजरअंदाज करती है, तो देश बचाओ मोर्चा देशव्यापी आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा.
इन किसान नेताओं संगठनों ने देश बचाओ मोर्चा को समर्थन दिया
बैठक में एसकेएम (गैर-राजनीतिक), एकेएमएम (गैर-राजनीतिक), #ऑल #इंडिया #एमएसपी #मोर्चा, #आजाद #किसान #मोर्चा, #किसान #मजदूर #संघर्ष मोर्चा #हरियाणा, #किसान #मजदूर #मोर्चा (KMM), #राष्ट्रीय #किसान #महासंघ, #किसान #महापंचायत, #आजाद #किसान #मोर्चा, एसकेएम गैर राजनीतिक हरदो झंडे सहित विभिन्न किसान, मजदूर एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
बैठक में प्रमुख रूप से सरदार वी.एम. सिंह, डॉ. बलबीर सिंह राजेवाल, प्रकाश पोहरे, गुरनाम सिंह चढूनी, बिजू, अनिल तालियान, सुखविंदर सिंह खोसा, सुरजीत सिंह फूल, राजेश धाकड़, स्वामी हर्षानंद जी योगाचार्य, संत गोपालदास, जाट धर्मशाला प्रधान कृष्ण श्योकंद, टीम कक्का, एडवोकेट बलराज मलिक, रमिंदर सिंह (पटियाला), सहित अनेक वरिष्ठ किसान, मजदूर, सामाजिक एवं जनआंदोलन से जुड़े नेता इकट्ठे हुए समझौते के विरोध को समर्थन दिया.
इसके अलावा #हरियाणा, #पंजाब, #राजस्थान, #महाराष्ट्र, #केरल, #ओडिशा, #उत्तर #प्रदेश, #उत्तराखंड, #मध्य #प्रदेश सहित देश के अनेक राज्यों से किसान प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे.
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