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मजदूर

#धनबाद : #साउथ #बलिहारी #कोलियरी में #बड़ा #हादसा #टला, #कैरेज का #ब्रेक #फेल #होने से #कई #मजदूर #घायल, #सुरक्षा #व्यवस्था पर #उठे #सवाल

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Dhanbad Cum Kenduadih Cum Jagata, Dhanbad | Jul 6, 2026

*अगर किसान के बेटे हो तो बिना पढ़े मत जाना*

कौन कहता है सरकार के पास बजट नहीं है?  
कौन कहता है गोदाम फुल हैं?  
ये सब बहाने हैं। हेकड़ी है।

किसान ने खून पसीना एक करके मूंग उगाई। 8 हजार रुपए एमएसपी तय किया तो खरीदो। 25% का ड्रामा क्यों? किसान कोई भीख नहीं मांग रहा। अपना हक मांग रहा है।

*सीधा हिसाब है:*

1. *बजट है*: 2025-26 में केंद्र सरकार खुद कह रही है कि दलहन में आत्मनिर्भर बनना है। NAFED और NCCF को 4 साल तक ताबड़तोड़ खरीद के आदेश दिए हैं। जब अरबों का बजट है तो मूंग के लिए जेब खाली कैसे हो गई?

2. *गोदाम हैं*: FCI के गोदाम खाली पड़े हैं। ऊपर से 2025 के बजट में गोदामों को आधुनिक बनाने के लिए अलग से पैसा दिया गया है। जगह नहीं है तो बनाओ। किसान का माल सड़ने के लिए नहीं उगाया।

3. *निर्यात का रास्ता खुला है*: सरकार खुद बोल रही है निर्यात संवर्धन मिशन बनाएंगे। हवाई कार्गो सुधारेंगे, कस्टम आसान करेंगे। तो मूंग खरीद कर विदेश भेजो। डॉलर कमाओ। देश का भी भला, किसान का भी भला।

*विवशता किस बात की?*  
विवशता तब होती जब देश कंगाल होता। लेकिन जब सांसदों की सैलरी, मंत्रियों के बंगले, नई संसद सबके लिए पैसा है, तो किसान की फसल खरीदने में विवशता कैसी?

सरकार जनता के लिए बनाई गई है। जनता को विवश करने के लिए नहीं। किसान को मंडी में लुटवाओगे, फिर बोलोगे हम मजबूर हैं। ये नहीं चलेगा।

*आखिरी बात:*  
अगर 100% मूंग MSP पर नहीं खरीद सकते, तो गद्दी खाली करो। कोई और आकर खरीद लेगा। किसान ने वोट देकर कुर्सी दी है, हेकड़ी दिखाने के लिए नहीं।

#जय #किसान #जय #मजदूर #जय #जवान

*अगर किसान के बेटे हो तो बिना पढ़े मत जाना* कौन कहता है सरकार के पास बजट नहीं है? कौन कहता है गोदाम फुल हैं? ये सब बहाने हैं। हेकड़ी है। किसान ने खून पसीना एक करके मूंग उगाई। 8 हजार रुपए एमएसपी तय किया तो खरीदो। 25% का ड्रामा क्यों? किसान कोई भीख नहीं मांग रहा। अपना हक मांग रहा है। *सीधा हिसाब है:* 1. *बजट है*: 2025-26 में केंद्र सरकार खुद कह रही है कि दलहन में आत्मनिर्भर बनना है। NAFED और NCCF को 4 साल तक ताबड़तोड़ खरीद के आदेश दिए हैं। जब अरबों का बजट है तो मूंग के लिए जेब खाली कैसे हो गई? 2. *गोदाम हैं*: FCI के गोदाम खाली पड़े हैं। ऊपर से 2025 के बजट में गोदामों को आधुनिक बनाने के लिए अलग से पैसा दिया गया है। जगह नहीं है तो बनाओ। किसान का माल सड़ने के लिए नहीं उगाया। 3. *निर्यात का रास्ता खुला है*: सरकार खुद बोल रही है निर्यात संवर्धन मिशन बनाएंगे। हवाई कार्गो सुधारेंगे, कस्टम आसान करेंगे। तो मूंग खरीद कर विदेश भेजो। डॉलर कमाओ। देश का भी भला, किसान का भी भला। *विवशता किस बात की?* विवशता तब होती जब देश कंगाल होता। लेकिन जब सांसदों की सैलरी, मंत्रियों के बंगले, नई संसद सबके लिए पैसा है, तो किसान की फसल खरीदने में विवशता कैसी? सरकार जनता के लिए बनाई गई है। जनता को विवश करने के लिए नहीं। किसान को मंडी में लुटवाओगे, फिर बोलोगे हम मजबूर हैं। ये नहीं चलेगा। *आखिरी बात:* अगर 100% मूंग MSP पर नहीं खरीद सकते, तो गद्दी खाली करो। कोई और आकर खरीद लेगा। किसान ने वोट देकर कुर्सी दी है, हेकड़ी दिखाने के लिए नहीं। #जय #किसान #जय #मजदूर #जय #जवान

Pipariya, Hoshangabad | Jul 1, 2026

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