क्या पीने का एक गिलास पानी जानलेवा साबित हो सकता है? इंदौर के भागीरथपुरा इलाके की जांच रिपोर्ट ने जलापूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग और मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त जांच में एक बोरवेल और कान्ह नदी के नमूनों में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला है। राहत की बात यह है कि मुख्य नर्मदा पाइपलाइन से लिए गए नमूनों में ई-कोलाई नहीं पाया गया। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि सीवर का दूषित पानी क्षतिग्रस्त जलापूर्ति लाइन में मिलने से संक्रमण फैला। जांच रिपोर्ट में 36 मौतों का जिक्र है, हालांकि मौतों की वास्तविक संख्या को लेकर सरकारी रिकॉर्ड और दूसरे दावों में अंतर रहा है। अब NGT और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर है।
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