कैंपियरगंज: गुल्हरिया में 'प्यार, झांसा और धोखे का खेल', 6 साल तक चला 'इश्क का ड्रामा', प्रेमी ने तोड़ा भरोसा, पीड़िता हुई गर्भवती
कहते हैं प्यार भरोसे पर टिका होता है… लेकिन गोरखपुर की इस कहानी में प्यार नहीं, बल्कि भरोसे का “इस्तेमाल” हुआ। करीब 6 साल पहले एक साधारण सी मुलाकात हुई… धीरे-धीरे बातें बढ़ीं, दोस्ती हुई, और फिर वही पुरानी कहानी—दोस्ती ने प्यार का नाम ले लिया। लड़की को लगा कि उसे उसका “हमसफर” मिल गया है… लेकिन उसे क्या पता था कि ये सफर, दरअसल एक जाल है।