लोकआस्था के महापर्व के समापन के बाद अब लोकतंत्र के महापर्व यानी विधानसभा चुनाव का पहला चरण पूरा हो चुका है। लेकिन जैसे ही मतदान समाप्त हुआ, लोगों के पलायन का सिलसिला फिर शुरू हो गया। सरकारें बदलती रहीं, चुनाव आते-जाते रहे, पर बिहार से पलायन का दर्द आज भी वही है। शिक्षा, रोजगार और विकास के नाम पर हर राजनीतिक दल लुभावने वादे करता है। जनता भी भरोसे के साथ मतदान