नोहर नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव में 20-20 की बराबरी और उसके बाद लॉटरी से फैसला हुआ। दोनों खेमों के बीच पूरे घटनाक्रम के दौरान पार्षदों के पाला बदलने या संख्या बल में बदलाव की कोई सार्वजनिक सूचना सामने नहीं आई।
नोहर नगर पालिका का चुनाव बना चर्चा का उदाहरण, 20-20 के बावजूद नहीं हुई उथल-पुथल
नोहर। नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव इस बार अपने अनोखे राजनीतिक गणित को लेकर पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बन गया। 40 सदस्यीय नोहर नगर पालिका में कांग्रेस के 20 और भाजपा के केवल 2 पार्षद चुने गए, जबकि 18 निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से भाजपा खेमे ने अपना आंकड़ा 20 तक पहुंचाया। अध्यक्ष पद के मतदान में कांग्रेस प्रत्याशी सुमित चाचाण और भाजपा प्रत्याशी हाजन खातून टाक को भी 20-20 मत मिले।
सबसे खास बात यह रही कि 20-20 के बेहद नाजुक राजनीतिक समीकरण के बावजूद चुनाव से पहले या मतदान के दौरान किसी बड़े पाला बदल या संख्या बल में बदलाव की स्थिति सामने नहीं आई। दोनों खेमे अपने-अपने समर्थन के आंकड़े पर कायम रहे और आखिरकार बराबरी की स्थिति में पहुंच गए।
बहुमत के लिए जरूरी 21वां वोट किसी भी प्रत्याशी को नहीं मिलने के बाद नियम के अनुसार लॉटरी से फैसला किया गया। लॉटरी में भाजपा प्रत्याशी हाजन खातून टाक के पक्ष में पर्ची निकलने के साथ ही वे नोहर नगर पालिका की अध्यक्ष निर्वाचित हो गईं।
नोहर के इस चुनाव ने यह भी दिखाया कि स्थानीय निकाय की राजनीति में एक-एक पार्षद का समर्थन कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। 20-20 के आंकड़े पर पूरा मुकाबला टिके रहने और अंत में लॉटरी से फैसला होने के कारण यह चुनाव लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला बन गया है।